एक साल में भारत ने अमेरिकी नेताओं को कौन-कौन से गिफ्ट दिए? ट्रंप के विदेश मंत्रालय ने उपहारों की सूची जारी की

Indian leaders gifted their American counterparts: अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने भारतीय नेताओं द्वारा उनके यूएस समकक्षों को दिए गए गिफ्ट्स की सूची जारी की है. 2024 की इस सूची में 480 अमेरिकी डॉलर तक के उपहारों को ही गिना गया है.

Indian leaders gifted their American counterparts: विदेशी नेताओं के बीच उपहारों का आदान-प्रदान कूटनीतिक परंपरा का हिस्सा होता है. अमेरिका में ऐसे सभी उपहारों का आधिकारिक रिकॉर्ड रखा जाता है. हाल ही में अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने उन उपहारों की विस्तृत सूची सार्वजनिक की है, जो अमेरिकी नेताओं को विदेशी सरकारों की ओर से मिले. इस सूची में भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अन्य भारतीय अधिकारियों द्वारा अमेरिका के शीर्ष नेताओं को दिए गए कई उपहार भी शामिल हैं.

अमेरिकी विदेश मंत्रालय के मुख्य प्रोटोकॉल अधिकारी के कार्यालय ने ‘विदेशी सरकारी स्रोतों से प्राप्त उपहारों’ की वार्षिक सूची जारी की है. इसमें भौतिक उपहारों के अलावा यात्रा से जुड़े ऐसे खर्च भी शामिल हैं, जिनकी कीमत तय सीमा से अधिक हो. कैलेंडर वर्ष 2024 (1 जनवरी से 31 दिसंबर) के लिए यह न्यूनतम सीमा 480 अमेरिकी डॉलर तय की गई थी.

सूची के अनुसार, 10 सितंबर 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन को एक पारंपरिक उपहार सेट दिया था. इसमें लकड़ी का संदूक, एक स्कार्फ, केसर से भरा जार और चाय रखने के लिए लकड़ी का डिब्बा शामिल था. इनकी कुल अनुमानित कीमत 562 डॉलर बताई गई है. इनमें से गैर-नष्ट होने वाली वस्तुएं अमेरिकी राष्ट्रीय अभिलेखागार (NARA) को सौंप दी गईं, जबकि केसर और चाय जैसी नष्ट होने वाली चीजों को अमेरिकी गुप्तचर सेवा के नियमों के अनुसार निस्तारित कर दिया गया. बाइडन उस समय जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत आए थे.

इसके बाद 16 जुलाई 2024 को मोदी ने बाइडन को स्टर्लिंग सिल्वर से बना एक सजावटी ट्रेन सेट भेंट किया, जिसकी अनुमानित कीमत 7,750 डॉलर है. यह भी राष्ट्रीय अभिलेखागार को हस्तांतरित कर दिया गया.

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि 21 अक्टूबर 2024 को भारत के प्रधानमंत्री ने पूर्व प्रथम महिला जिल बाइडन को एक पश्मीना शॉल भेंट किया था, जिसकी कीमत लगभग 2,969 डॉलर आंकी गई. यह शॉल भी एनएआरए को सौंप दी गई.

अजीत डोभाल ने भी दिया था गिफ्ट

सूची में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल द्वारा अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन को दिए गए उपहार का भी जिक्र है. 28 अगस्त 2024 को दिए गए इस उपहार में एक डिब्बे के साथ कश्मीरी पश्मीना स्कार्फ था, जिसकी अनुमानित कीमत 599 डॉलर थी. इसे सामान्य सेवा प्रशासन (GSA) को हस्तांतरित किया गया.

कमला हैरिस और उनकी पत्नी को दिया गया था उपहार

अमेरिका की पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस को 18 अक्टूबर 2024 को प्रधानमंत्री मोदी ने भगवान कृष्ण की रासलीला दर्शाता हुआ चांदी का एक डिब्बा भेंट किया. इसकी कीमत लगभग 1,330 डॉलर बताई गई है और इसे भी एनएआरए को सौंप दिया गया. उसी दिन हैरिस के पति डगलस एमहॉफ को मोदी ने कफ-लिंक भेंट किए, जिनकी अनुमानित कीमत 585.65 डॉलर थी. ये भी अभिलेखागार में जमा करा दिए गए.

इसके अलावा, भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा 24 नवंबर 2022 को तत्कालीन अमेरिकी रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन को भेंट की गई ‘शिव नटराज’ की कांस्य प्रतिमा का भी उल्लेख सूची में है. इसकी अनुमानित कीमत 3,700 डॉलर है और इसका हस्तांतरण अभी सामान्य सेवा प्रशासन (GSA) को किया जाना बाकी है.

भाषा के इनपुट के साथ.

ये भी पढ़ें:- क्या इंडिया-ईयू ट्रेड डील से बर्बाद हो जाएगा बांग्लादेश? एक्सपर्ट्स ने 3 साल का टाइम बताया अहम, जानें क्या है प्रॉब्लम

ये भी पढ़ें:- ट्रंप प्रशासन की हरकतों पर कनाडा गुस्सा, वाशिंगटन पहुंचे सेपरेटिस्टों को बताया ‘देशद्रोही’, PM कार्नी ने क्या कहा?

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anant narayan shukla

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं.

इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं.

अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >