अमेरिका में ट्रंप प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद करीब 100 अरब डॉलर का टैरिफ वापस कर दिया है. अदालत ने इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत लगाए गए कई इम्पोर्ट टैक्स को अवैध करार दिया था. इसके बाद अमेरिकी कस्टम अधिकारियों ने अदालत में दायर दस्तावेज में इस रकम की वापसी की जानकारी दी.
अमेरिका की कोर्ट में दायर दस्तावेज के अनुसार, सरकार ने टैरिफ से जुड़े करीब 100 अरब डॉलर की वसूली लोगों और कंपनियों को ब्याज सहित वापस कर दी है. यह रकम सरकारी कस्टम रिफंड सिस्टम के जरिए लौटाई गई और भुगतान के लिए ट्रेजरी विभाग को भेजी गई. यह आंकड़ा जुलाई के अंत तक किए गए सभी रिफंड का है.
यह रकम उन करीब 166 अरब डॉलर के टैरिफ का आधे से भी ज्यादा हिस्सा है, जिन्हें अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने इस साल की शुरुआत में अवैध ठहराते हुए रद्द कर दिया था.
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
20 फरवरी को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने अधिकारों से आगे बढ़कर काम किया. अदालत के अनुसार, उन्होंने 1977 के IEEPA कानून का इस्तेमाल राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर कई देशों से आने वाले सामान पर बड़े पैमाने पर टैरिफ लगाने के लिए किया, जबकि यह कानून राष्ट्रपति को अकेले ऐसा टैक्स लगाने का अधिकार नहीं देता. इसलिए कोर्ट ने इन टैरिफ को अवैध ठहराया.
कानूनी चुनौतियों और अर्थशास्त्रियों व बिजनेस एक्सपर्ट की आलोचना के बावजूद, डोनाल्ड ट्रंप अपनी आर्थिक और विदेश नीति में टैरिफ को लगातार एक अहम हथियार के तौर पर इस्तेमाल करते रहे हैं.
