वेनेजुएला के बाद अगला टारगेट कौन? ब्रिटेन में उतरे अमेरिकी लड़ाकू विमान, ग्रीनलैंड से रूस तक बढ़ा टेंशन

US Military UK Deployment: वेनेजुएला में कार्रवाई के बाद अमेरिका ने ब्रिटेन में भारी हथियारों से लैस सैन्य विमान तैनात किए हैं. C-17, AC-130J, हेलीकॉप्टर और स्पेशल फोर्स की मौजूदगी से दुनिया में तनाव बढ़ गया है. ग्रीनलैंड, रूस और ईरान को लेकर ट्रंप के बयान हालात को और गंभीर बना रहे हैं.

By Govind Jee | January 8, 2026 4:17 PM

US Military UK Deployment: वेनेजुएला में अचानक हमला, राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी की गिरफ्तारी और अब ब्रिटेन में अमेरिकी लड़ाकू विमानों की लाइन. अमेरिका ने ऐसा माहौल बना दिया है कि दुनिया पूछ रही है कि अब अगला नंबर किसका है? हालात बता रहे हैं कि अमेरिका चुप बैठने वाला नहीं है और उसकी तैयारी सिर्फ दिखावे के लिए नहीं है.

US Military UK Deployment in Hindi: ब्रिटेन में अमेरिकी सैन्य विमानों की भारी तैनाती

टाइम्स ऑफ इंडिया कि एक रिपोर्ट के मुताबिक, बीते शनिवार से अमेरिका के दर्जनों भारी हथियारों से लैस सैन्य विमान ब्रिटेन के अलग-अलग एयरबेस पर उतर चुके हैं. इनमें कम से कम 14 C-17 ग्लोबमास्टर III और 2 AC-130J घोस्टराइडर गनशिप शामिल हैं. ये विमान RAF Fairford (ग्लॉस्टरशायर), RAF Mildenhall और RAF Lakenheath (सफोक) में देखे गए हैं. C-17 ग्लोबमास्टर एक ऐसा विमान है, जो टैंक, बख्तरबंद गाड़ियां और बड़ी संख्या में सैनिक एक साथ ले जा सकता है. इसकी लंबाई करीब 174 फीट है. वहीं AC-130J घोस्टराइडर को उड़ता हुआ हथियारखाना कहा जाता है, क्योंकि इसमें तोप, बम और मिसाइलें लगी होती हैं.

US Military UK Deployment in Hindi: हेलीकॉप्टर और रिफ्यूलिंग प्लेन भी पहुंचे

ब्रिटेन के सैन्य हैंगरों में पांच MH-60M ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर और एक MH-47G चिनूक भी देखे गए हैं, जिन्हें ग्लोबमास्टर के जरिए लाया गया माना जा रहा है. इसके अलावा मंगलवार को KC-135R स्ट्रैटोटैंकर RAF Mildenhall पहुंचा, जो हवा में ही दूसरे विमानों को ईंधन देता है. इससे साफ है कि अमेरिका लंबी दूरी की सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार है. कुछ अमेरिकी विमान जॉर्जिया के Hunter Army Airfield और केंटकी के Fort Campbell से उड़ान भरकर ब्रिटेन पहुंचे हैं. Fort Campbell ही अमेरिका की कुख्यात 160वीं स्पेशल ऑपरेशंस एविएशन रेजिमेंट, यानी ‘नाइट स्टॉकर्स’ का ठिकाना है. यही यूनिट ओसामा बिन लादेन को पकड़ने और हालिया मादुरो ऑपरेशन में भी अहम भूमिका निभा चुकी है.

ब्रिटेन में लाइव सैन्य अभ्यास भी हुआ

मंगलवार को RAF Fairford में अमेरिकी स्पेशल फोर्स के जवानों को CV-22B ऑस्प्रे विमान से रस्सी के सहारे उतरते देखा गया. यह अभ्यास तेजी से उतरने और बचाव अभियान से जुड़ा था, जो किसी असली ऑपरेशन से पहले किया जाता है. ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय (MoD) ने साफ कहा कि वह किसी दूसरे देश की सैन्य गतिविधियों पर टिप्पणी नहीं करता. प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी यही दोहराया. हालांकि यह जरूर कहा गया कि अमेरिका, ब्रिटेन का सबसे अहम रक्षा और सुरक्षा साझेदार है. कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि यह सैन्य जमावड़ा उस रूसी झंडे वाले तेल टैंकर ‘Marinera’ को पकड़ने के लिए हो सकता है, जो अमेरिका की वेनेजुएला नाकेबंदी को तोड़कर उत्तर अटलांटिक में निकल गया था.

ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप के बयान से हड़कंप

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर एक बार फिर सख्त बयान दिया है. NBC से बातचीत में उन्होंने कहा कि वे ग्रीनलैंड को अपने नियंत्रण में लेने को लेकर “पूरी तरह गंभीर हैं. उनका कहना है कि यह अमेरिका ही नहीं, बल्कि यूरोप की सुरक्षा के लिए भी जरूरी है. डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसन ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने ग्रीनलैंड पर हमला किया तो नाटो का भविष्य खतरे में पड़ सकता है. 

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने भी उनके बयान का समर्थन किया. वहीं, पूर्व ब्रिटिश रक्षा मंत्री बेन वॉलेस ने कहा कि ऐसा हुआ तो यह नाटो के लिए बहुत बड़ा संकट होगा और रूस के राष्ट्रपति पुतिन को भी हौसला मिल सकता है. ट्रंप पहले ही यह कह चुके हैं कि अगर ईरान में प्रदर्शनकारियों को नुकसान पहुंचाया गया तो अमेरिका हमला करेगा. इसके अलावा कोलंबिया और मेक्सिको को लेकर भी सख्त रुख दिखाया गया है. ग्रीनलैंड पर बयान इन सभी धमकियों को और गंभीर बना देता है.

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