ईरान-अमेरिका के बीच फोन पर हो सकती है वार्ता, ट्रंप ने जंग खत्म करने के दिए संकेत

US Iran Peace Talk: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव जल्द समाप्त हो सकता है. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि दोनों देशों के अधिकारी फोन पर वार्ता कर सकते हैं.

US Iran Peace Talk: ट्रंप ने फॉक्स न्यूज के साथ बातचीत में कहा- उन्होंने उड़ान में 17 घंटे का समय लगाकर प्रतिनिधिमंडल भेजने के बजाय फोन पार वार्ता करने का फैसला किया है. हमारे पास सभी विकल्प मौजूद हैं. अगर वे बात करना चाहते हैं, तो वे हमारे पास आ सकते हैं, या वे हमें फोन कर सकते हैं.

इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान के बीच दूसरे दौर की वार्ता विफल

शनिवार को वार्ता तब विफल होती दिखी, जब तेहरान के टॉप राजनयिक पाकिस्तान से रवाना हो गये थे. इसके तुरंत बाद ट्रंप ने भी अपने प्रतिनिधियों को पाकिस्तान नहीं भेजने का फैसला किया.

ईरान की हालत बहुत खराब : ट्रंप

फॉक्स न्यूज से बातचीत में ट्रंप ने कहा, हमने ईरान की नौसेना को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है. उनके पास अब वायु सेना नहीं बची है. उनके पास नौसेना भी नहीं बची है. उनके पास एंटी एयरक्राफ्ट गन नहीं हैं, उनके पास रडार नहीं हैं. सब कुछ नष्ट हो चुका है. उनके कारखाने, उनके मिसाइल बनाने वाले कारखाने लगभग 75% क्षतिग्रस्त हो चुके हैं. उनकी हालत बहुत खराब है. हमने नाकाबंदी कर दी है. जिसका मतलब है कि उन्हें अब और पैसा नहीं मिल सकता. ट्रंप ने कहा, मुझे उम्मीद है कि ईरान समझदारी से काम लेगा. और अगर वे समझदारी से काम नहीं लेते हैं, तो भी हम ही जंग जीतेंगे.

ईरान में आंतरिक मतभेद

ट्रंप कहा- ईरान के नेतृत्व में आंतरिक मतभेद है. उनके बड़े नेता मारे जा चुके हैं. वे उन लोगों की तुलना में कहीं अधिक कट्टरपंथी थे जिनसे हम अभी निपट रहे हैं. उनमें से कुछ बहुत ही समझदार हैं, और कुछ नहीं. वे आपस में मेलजोल नहीं रख रहे हैं. उनमें बहुत आंतरिक कलह चल रही है.

नाटो देशों पर फिर भड़के ट्रंप

उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के बारे में पूछे जाने पर, ट्रंप ने कहा कि वह इस सैन्य गठबंधन से बहुत, बहुत निराश हैं. उन्होंने यह भी संकेत दिया है कि अमेरिका इस गठबंधन से अलग होने पर विचार कर सकता है, क्योंकि सदस्य देशों ने ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद करने के बाद उनकी मदद की अपील को नजरअंदाज कर दिया. ट्रंप ने कहा, हम कई वर्षों से उनकी मदद कर रहे हैं, खरबों डॉलर खर्च कर रहे हैं, और जब हमें उनकी मदद चाहिए थी तो वे मौजूद नहीं थे, इसलिए हमें यह बात याद रखनी होगी.

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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