US ने ईरान पर फिर किया अटैक, ड्रोन कंट्रोल साइट को बनाया निशाना; बंदर अब्बास के पास धमाकों से बढ़ा तनाव

US-Iran Conflict: अमेरिका ने ईरान के बंदर अब्बास के पास सैन्य ठिकाने पर ताजा हमला किया. होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़े तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने ईरानी ड्रोन भी मार गिराए.

US Iran Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है. होर्मुज स्ट्रेट के पास अमेरिकी सैन्य ने एक बार फिर से हवाई हमले किए हैं. सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान के भीतर एक सैन्य ठिकाने पर ताजा हमला किया. अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह कार्रवाई होर्मुज के आसपास अमेरिकी सैनिकों और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के लिए पैदा हो रहे खतरे को रोकने के लिए की गई. अमेरिका ने इसे आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई बताया.

बंदर अब्बास में ड्रोन कंट्रोल सुविधा पर हमला

अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, हमले का निशाना ईरान के बंदर अब्बास में मौजूद एक ग्राउंड कंट्रोल सेंटर था. दावा किया गया कि वहां से पांचवें ड्रोन को लॉन्च करने की तैयारी चल रही थी. अमेरिका का आरोप है कि ये ड्रोन क्षेत्र में तैनात अमेरिकी बलों और जहाजों के लिए खतरा बन सकते थे. अमेरिका ने यह भी कहा कि उसकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान की ओर से चलाए गए कई ड्रोन को मार गिराया. उनका दावा है कि कथित तौर पर ये ड्रोन अमेरिकी सैन्य और कारोबारी जहाजों के करीब पहुंच रहे थे.

हमले के बाद बंदर अब्बास में धमाके

इन हमलों के कुछ घंटे बाद ईरान के बंदर अब्बास शहर के पास जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं. ईरान की अर्ध सरकारी न्यूज एजेंसी- फार्स  की मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गुरुवार तड़के करीब 1:30 बजे शहर के पूर्वी हिस्से में कम से कम तीन विस्फोट हुए. धमाकों के बाद इलाके में एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए और कई मिनट तक सुरक्षा अलर्ट जारी रहा. हालांकि, ईरान की ओर से तुरंत किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं की गई.

पहले भी हो चुकी है अमेरिकी कार्रवाई

दो दिन पहले इसी सप्ताह अमेरिका ने दक्षिणी ईरान में भी सैन्य कार्रवाई की थी. उस समय अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा था कि यह ‘सेल्फ डिफेंस स्ट्राइक’ थी. अमेरिका का आरोप था कि ईरानी मिसाइल लॉन्च साइट्स और कुछ नौसैनिक जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य के पास समुद्री माइंस बिछाने की तैयारी कर रहे थे. इसी वजह से कार्रवाई की गई.

संघर्षविराम पर बढ़ा खतरा

ईरान ने अमेरिकी हमलों को करीब सात सप्ताह पुराने संघर्षविराम का उल्लंघन बताया है. तेहरान का कहना है कि अमेरिका लगातार सैन्य कार्रवाई करके तनाव बढ़ा रहा है. हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए बातचीत चल रही थी, लेकिन अब संघर्षविराम की स्थिति कमजोर पड़ती दिखाई दे रही है. 

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ईरान ने दिखाई समझौते की रूपरेखा

तनाव के बीच ईरानी सरकारी टीवी ने बुधवार को एक कथित मसौदा समझौते की जानकारी दी. रिपोर्ट में दावा किया गया कि प्रस्ताव के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कारोबारी जहाजों की आवाजाही एक महीने के भीतर सामान्य स्तर पर लाई जाएगी. इसके बदले अमेरिका को ईरान के आसपास अपनी सैन्य मौजूदगी कम करनी होगी और तेहरान जिस कार्रवाई को ‘नौसैनिक नाकेबंदी’ बता रहा है, उसे हटाना होगा.

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व्हाइट हाउस ने दावे को बताया फर्जी

हालांकि, ईरान की ओर से सामने आए इस कथित प्रस्ताव को अमेरिका ने तुरंत खारिज कर दिया. व्हाइट हाउस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि ईरानी सरकारी मीडिया की रिपोर्ट पूरी तरह गलत और मनगढ़ंत है. इन ताजा अमेरिकी हमलों से अब हालात ऐसे मोड़ पर पहुंच गए हैं जहां बातचीत और सैन्य कार्रवाई दोनों साथ-साथ चल रहे हैं. ऐसे में आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के रिश्तों में और ज्यादा तनाव देखने को मिल सकता है.

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Published by: Anant Narayan Shukla

इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.

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