बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि सीजफायर के बावजूद इजरायल दक्षिण लेबनान में आक्रमण जारी रखेगा. जिसका उद्देश्य ईरान समर्थित हिजबुल्लाह से उत्पन्न खतरे को बेअसर करना है. उन्होंने कहा- समझौते में लेबनान में हिज्बुल्ला के खिलाफ लड़ाई शामिल नहीं है. संयुक्त राज्य अमेरिका ने इजरायल को बताया है दो सप्ताह का युद्धविराम लेबनान पर लागू नहीं होता है.
ईरान तुरंत होर्मुज जलडमरूमध्य खोल दे : इजराइल
नेतन्याहू ऑफिस की ओर से बुधवार को एक बयान जारी किया गया. जिसमें कहा गया- इजराइल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले का समर्थन करता है, बशर्ते ईरान तुरंत होर्मुज जलडमरूमध्य खोल दे. इसके अलावा ईरान अब परमाणु या मिसाइल का खतरा न बने.
ट्रंप ने अपनी घोषणा में क्या कहा?
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पोस्ट में कहा था- मैं दो सप्ताह की अवधि के लिए ईरान पर बमबारी और हमले रोकने पर सहमत हूं. यह दोनों पक्षों (अमेरिका-ईरान) का संघर्षविराम होगा. ट्रंप की घोषणा के बाद ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने भी कहा कि उसने दो सप्ताह के संघर्षविराम को स्वीकार कर लिया है.
पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान को इस्लामाबाद किया आमंत्रित
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधिमंडलों को शुक्रवार, 10 अप्रैल को इस्लामाबाद आने का निमंत्रण दिया.
28 फरवरी को इजराइल और अमेरिका ने ईरान पर किया था अटैक
इजराइल और अमेरिका ने ईरान पर 28 फरवरी को हमला शुरू किया था. जिसके बाद ईरान की ओर से भी पलटवार किया गया. करीब 39 दिनों तक चले युद्ध के कारण दुनियाभर में ईंधन संकट गहरा गया. क्योंकि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर पाबंदी लगा दी थी.
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