US Cuba Tension: क्यूबा को लेकर अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तेवर लगातार सख्त होते जा रहे हैं. पोलिटिको की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पेंटागन ने पिछले कई महीनों में कैरेबियाई क्षेत्र में युद्धपोतों, मरीन सैनिकों और निगरानी संसाधनों की बड़ी तैनाती की है. माना जा रहा है कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका बेहद कम समय में क्यूबा के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू कर सकता है. रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना ने ऐसे सैन्य संसाधन क्षेत्र में भेजे हैं, जो सटीक हवाई हमलों से लेकर बड़े सैन्य अभियान तक को अंजाम देने में सक्षम हैं. इस बढ़ती गतिविधि के बीच ट्रंप प्रशासन लगातार क्यूबा की कम्युनिस्ट सरकार पर दबाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है.
कौन-कौन से सैन्य संसाधन तैनात किए गए?
रिपोर्ट के अनुसार, वॉशिंगटन के पास सैन्य तैयारियों के कई विकल्प मौजूद हैं, जिनमें सीमित एयर स्ट्राइक से लेकर क्यूबा के शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाने तक की संभावनाएं शामिल हैं. अमेरिका ने यूएसएस निमिट्ज एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप, गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर और क्रूजर जहाजों को क्षेत्र में सक्रिय किया है. ये जहाज सटीक मिसाइल हमले करने में सक्षम माने जाते हैं.
इसके अलावा निगरानी ड्रोन और सैन्य विमान लगातार क्यूबा के आसपास की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं. वहीं यूएसएस कियरसार्ज एम्फीबियस समूह को भी संभावित तैनाती के लिए तैयार रखा गया है. इसमें करीब 2500 मरीन तैनात हैं.
पूर्व पेंटागन अधिकारी ने क्या कहा?
पूर्व पेंटागन अधिकारी मार्क कैंसियन ने कहा कि यूएसएस निमिट्ज की मौजूदगी मुख्य रूप से दबाव बनाने के लिए हो सकती है, लेकिन जरूरत पड़ने पर इसे सैन्य अभियान में भी इस्तेमाल किया जा सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि क्यूबा की एयर डिफेंस प्रणाली और नेतृत्व से जुड़े ठिकानों पर हमले जैसे विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है.
मार्को रुबियो ने क्यूबा को बताया खतरा
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने हाल ही में कैबिनेट बैठक में कहा था कि क्यूबा गंभीर संकट में है. उन्होंने तर्क दिया कि अमेरिका के तट से सिर्फ 90 मील दूर एक ‘असफल राज्य’ यूएस की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है. रुबियो ने यह भी आरोप लगाया कि क्यूबा के चीन, रूस और अमेरिका विरोधी देशों के साथ संबंध वॉशिंगटन के लिए चिंता का विषय हैं. हालांकि, उन्होंने कहा कि अमेरिका बातचीत के जरिए समाधान चाहता है, लेकिन मौजूदा क्यूबाई नेतृत्व के साथ कूटनीतिक रास्ते की सफलता को लेकर संदेह बना हुआ है.
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ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई के संकेत दिए
इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान क्यूबा पर सीधे सैन्य कार्रवाई की संभावना का खुलकर जिक्र किया था. उन्होंने कहा, “पिछले 50-60 सालों से कई राष्ट्रपति इस पर सोचते रहे हैं. ऐसा लग रहा है कि शायद मैं ही वह राष्ट्रपति बनूंगा जो यह कदम उठाएगा.” रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों और क्यूबा के प्रतिनिधियों के बीच हाल के महीनों में बातचीत भी हुई, लेकिन उससे कोई बड़ा नतीजा नहीं निकल सका.
इससे पहले ट्रंप क्यूबा की कम्यूनिस्ट सरकार को कई बार कोस चुके हैं. उन्होंने यह भी कहा था कि मार्को रूबियो क्यूबा के नए राष्ट्रपति बन सकते हैं. रूबियो मूल रूप से क्यूबाई हैं. माना जाता है कि मार्को रूबियो के माता पिता 1956 में कम्यूनिस्ट शासन की प्रताड़ना से त्रस्त होकर अमेरिका भाग गए थे.
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आर्थिक संकट से जूझ रहा है क्यूबा
क्यूबा पहले से ही गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है. देश में खाने-पीने की चीजों, दवाओं और बिजली की भारी कमी बताई जा रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वेनेजुएला से तेल आपूर्ति कम होने के बाद हालात और खराब हुए हैं. इसी बीच हवाना ने अमेरिका पर “शासन परिवर्तन” का माहौल बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है. क्यूबा ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की अपील की है.
क्यूबा ने संभावित मानवीय तबाही रोकने की लगाई गुहार
क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज पारिल्ला ने कहा कि अमेरिकी ऊर्जा प्रतिबंध और सैन्य दबाव के कारण देश मानवीय संकट की ओर बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि दुनिया को संभावित मानवीय तबाही रोकने के लिए आगे आना चाहिए और क्यूबा के साथ एकजुटता दिखानी चाहिए. उन्होंने अमेरिका के इस दावे को भी खारिज कर दिया कि वह अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील करते हुए कहा कि क्यूबा को शांति से जीने दिया जाए.
