Trump Visa Ban: अमेरिका की एक संघीय अदालत ने ट्रंप प्रशासन के नए वीजा नियम पर अंतरिम रोक लगा दी है. पीटीआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इस नियम के तहत विदेशी छात्रों के अमेरिका में पढ़ाई करने की अवधि चार साल तक सीमित करने का प्रावधान था. यह फैसला नियम लागू होने से ठीक एक दिन पहले आया है.
भारतीय समेत विदेशी छात्रों को राहत
मैसाचुसेट्स जिला अदालत के जज एफ डेनिस सेलोर के आदेश से भारतीय छात्रों समेत हजारों अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों को राहत मिली है. अदालत ने माना कि नए नियम से अमेरिकी उच्च शिक्षा व्यवस्था और इकॉनमी को गंभीर नुकसान पहुंचने का डर है.
सरकार की सुरक्षा दलील खारिज
जज ने सरकार के इस तर्क को नहीं माना कि नया नियम राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी है. अदालत ने यह भी कहा कि राहत सिर्फ याचिकाकर्ताओं तक सीमित रखने से अलग-अलग छात्रों और संस्थानों के लिए उलझाने वाले फैसले हो सकते हैं.
पत्रकारों के वीजा पर भी सख्ती
जुलाई में फाइनल किए गए नियम के तहत चीन को छोड़कर बाकी देशों के पत्रकारों के वीजा की अवधि 240 दिन तय की गई थी. वहीं, चीन के मीडियाकर्मियों के लिए वीजा अवधि 90 दिन रखी गई थी. ये नियम मंगलवार से लागू होने थे.
पीएचडी छात्रों के सामने बढ़ती परेशानी
नए नियम में छात्रों और एक्सचेंज विजिटर्स को वीजा अवधि बढ़ाने के लिए अप्लाई करने की इजाजत थी, लेकिन मंजूरी अधिकारियों की मर्जी पर निर्भर थी. अप्लाई रिजेक्ट होने पर अपील का भी कोई ऑप्शन नहीं था. हार्वर्ड के प्रेसिडेंट एलन गार्बर ने कहा था कि नॉर्मल पीएचडी प्रोग्राम में छह साल या उससे ज्यादा लग सकते हैं.
शिक्षण संस्थानों ने कोर्ट में दी चुनौती
हायर एजुकेशन संस्थानों और वर्कर यूनियनों समेत कई संगठनों ने नए नियम को रद्द करने की मांग करते हुए कोर्ट का रुख किया था. जज ने मामले की सुनवाई चलने तक नियम के लागू होने पर रोक लगा दी है. दूसरी तरफ, होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट का कहना था कि नियम वीजा अवधि से ज्यादा रुकने और धोखाधड़ी पर लगाम लगाने में मदद करेगा.
ये भी पढ़ें: Donald Trump Iran Deal: BRICS Summit के बाद ट्रंप का ईरान को अल्टीमेटम - बोले, ईरान डील के लिए बेताब, मैं... ?
