अमेरिका ने शुक्रवार (17 जुलाई) को लगातार छठी रात भी ईरान पर सैन्य हमले किए. इससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है. हालांकि, अमेरिका का कहना है कि सैन्य कार्रवाई के बावजूद बातचीत के रास्ते अब भी खुले हैं. अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि ईरान अभी भी वॉशिंगटन के साथ किसी समझौते पर पहुंचना चाहता है और बातचीत की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई है.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, ताजा सैन्य अभियान अमेरिकी समयानुसार दोपहर 2 बजे (भारतीय समयानुसार देर रात) शुरू किया गया. इस कार्रवाई में ईरान की सैन्य क्षमताओं और उससे जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया. CENTCOM ने बयान जारी कर कहा कि ईरान की सैन्य ताकत को और कमजोर करने के उद्देश्य से उसके खिलाफ नए दौर के हवाई हमले शुरू किए गए हैं.
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कई बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त हुईं बंदर अब्बास में
ईरान के डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक रिलेशन के प्रमुख होसैन मोगिमी ने तस्नीम न्यूज एजेंसी को बताया कि बंदर अब्बास पर हुए हमलों के बाद कई बिजली लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं. इसके चलते दक्षिणी ईरान के कई इलाकों में बिजली गुल हो गई. बाद में कुछ जगहों पर बिजली बहाल होने के बाद प्रशासन ने लोगों से अपील की कि वे एसी जैसे भारी इलेक्ट्रिक एप्लाइंसेस का इस्तेमाल कम करें, ताकि बिजली व्यवस्था पर ज्यादा दबाव न पड़े.
अमेरिका के हमलों में चार की मौत
ईरान के सरकारी मीडिया आईआरआईबी (IRIB) के मुताबिक, शुक्रवार तड़के अमेरिका के हमलों में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 17 लोग घायल हुए हैं. होर्मोजगान प्रांत में हुए हमले में तीन लोगों की जान गई और नौ लोग घायल हो गए. वहीं, बंदर अब्बास में एक व्यक्ति की मौत हुई, जबकि आठ अन्य घायल बताए गए हैं.
हवाई अड्डे की बिजली ठप
आईआरआईबी के मुताबिक, शुक्रवार तड़के हुए अमेरिकी हमलों के दौरान एक मिसाइल दक्षिण-पूर्वी प्रांत में स्थित ईरानशहर हवाई अड्डे पर आ गिरी. इस हमले के बाद आग लग गई, जिसमें एक व्यक्ति घायल हो गया. वहीं, हवाई अड्डे की बिजली भी ठप हो गई, जिससे वहां ऑपरेशनल दिक्कत का सामना करना पड़ा.
