Iran War : अमेरिका ने गुरुवार (30 जुलाई) को कुछ समय के विराम के बाद ईरान के भीतर मौजूद ठिकानों पर फिर से हवाई हमले (एयर स्ट्राइक) शुरू कर दिए. अमेरिकी अधिकारी के हवाले से आई एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सैन्य अभियान दोबारा तेज कर दिया गया है. इस हवाई हमले से पहले ईरान ने इसी सप्ताह जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं. हालांकि अमेरिकी सेना का दावा है कि सभी मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया गया, जिससे कोई नुकसान नहीं हुआ.
अमेरिकी सेना (CENTCOM) का कहना है कि ईरान ने अपनी जमीन से मिसाइलें दागकर मिडिल ईस्ट में तैनात अमेरिकी सैनिकों पर अचानक हमला करने की कोशिश की. हालांकि सेना ने ठिकाने का नाम नहीं बताया, लेकिन अमेरिकी मीडिया के मुताबिक निशाना जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य बेस था.
CENTCOM ने एक्स पर लिखा-अमेरिका ने आज रात 8 बजे (ईस्टर्न टाइम) से ईरान पर हवाई हमले शुरू कर दिए. यह कार्रवाई एक दिन पहले मिडिल ईस्ट में तैनात अमेरिकी सैनिकों पर ईरान के मिसाइल हमले की कोशिश के जवाब में की गई है.
हमले रोक दिए थे अमेरिका ने
अमेरिका ने कुछ समय पहले बातचीत का रास्ता खुला रखने के लिए हमले रोक दिए थे. लेकिन अब पहली बार ईरान ने सीधे अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर बैलिस्टिक मिसाइल दागी. इससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है.
डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ी चेतावनी दी थी
ईरान के मिसाइल हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ी चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि अगर अमेरिकी सैनिकों पर हमला हुआ तो अमेरिका उसका करारा और निर्णायक जवाब देगा. ट्रंप ने यह बात फॉक्स न्यूज से बातचीत में कही.
डोनाल्ड ट्रंप ने बेहद सख्त लहजे में कहा कि अमेरिका ईरान को कड़ा जवाब देगा. ट्रंप के मुताबिक, "हम उन्हें जोरदार सबक सिखाएंगे. उन पर पूरी ताकत से हमला होगा और इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी."
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इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया ठिकानों पर हवाई हमले
इस बीच एक और बड़ा घटनाक्रम सामने आया. अमेरिका और सऊदी अरब ने मिलकर इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया (हथियारबंद संगठन) ठिकानों पर हवाई हमले किए. इन हमलों में कम से कम 20 लोगों की मौत की खबर है. अमेरिकी सेना का कहना है कि पिछले तीन दिनों में अमेरिकी सैनिकों और सऊदी के एनर्जी ठिकानों पर 30 से ज्यादा ड्रोन हमले हुए थे. इन्हीं हमलों के जवाब में यह कार्रवाई की गई.
