अफगानिस्तान में महिलाओं के पढ़ने पर लगी पाबंदी के खिलाफ UNSC, कहा- इससे देश को होगा बड़ा नुकसान

अफगानिस्तान में महिलाओं के विश्वविद्यालयों में दाखिले पर पाबंदी को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने चिंता जाहिर की है. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने जिनेवा में जारी एक बयान में कहा कि कोई भी देश अपनी आधी आबादी को बाहर कर सामाजिक और आर्थिक रूप से विकास नहीं कर सकता.

अफगानिस्तान में सत्ता संभालने के बाद धीरे-धीरे तालिबान ने अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया है. इसी कड़ी में तालिबान ने महिलाओं को लेकर नया फरमान जारी किया जिसकी पूरी दुनिया में निंदा हो रही है. दरअसल, तालिबान ने अफगानिस्तान के विश्वविद्यालयों में लड़कियों के दाखिले पर बैन कर दिया है. तालिबान के इस फैसले का अन्य देशों के साथ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने ने भी चिंता जताई है.

लड़कियों की शिक्षा को लेकर तालिबानी नीतियों की पूरी दुनिया में निंदा हो रही है. इस मामले को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने एक प्रेस रिलीज भी जारी की है. एएनआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने महिलाओं के विश्वविद्यालयों में बैन को लेकर गहरी चिंता जताई है और कहा है कि इससे देश की आर्थिक और सामाजिक बर्बादी होगी.  

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने की यह अपील: संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख ने अफगानिस्तान में महिलाओं के अधिकारों पर बढ़ती पाबंदियों की निंदा की है. साथ ही तालिबानी शासकों को इन प्रतिबंधों को तुरंत वापस लेने की अपील की है. यूएनएससी ने कहा है कि महिलाओं को गैर-सरकारी संगठनों के लिए काम करने से रोकने के फैसले के भयानक परिणामों हो सकते हैं. संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने जिनेवा में जारी एक बयान में कहा कि कोई भी देश अपनी आधी आबादी को बाहर कर सामाजिक और आर्थिक रूप से विकास नहीं कर सकता.

तेजी से बदली है तालिबान ने अपनी नीतियां: गौरतलब है कि अफगानिस्तान में शासन संभालने के बाद तालिबान ने पहले तो अपनी उदार छवि पेश की. महिलाओं और अल्पसंख्यकों के अधिकारों का सम्मान करने के कई वादे किए. लेकिन सत्ता हाथ में आने के बाद धीरे-धीरे वो कट्टरवाद की ओर मुड़ने लगा. अफगानिस्तान में तालिबान ने इस्लामी कानून शरिया को बहुत सख्ती से लागू किया है और महिलाओं पर अनेक प्रतिबंध लगा दिए हैं.
भाषा इनपुट के साथ

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Author: Pritish Sahay

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