Turkey Earthquake: तुर्की और सीरिया में भूकंप से तबाही, 200 से ज्यादा की मौत, पीएम मोदी ने जताया दुख

Turkey Earthquake Updates: Today : तुर्की दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंप क्षेत्रों में से एक है जहां आज शक्तिशाली भूकंप के झटके महसूस किये गये हैं. भूकंप से भारी तबाही की खबर सामने आ रही है. कई इमारतों के ढहने की खबर है. भूकंप के बाद की तस्वीर और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है.

Turkey Earthquake Updates Today : तुर्की में सोमवार को भूकंप के तेज झटके महसूस किये गये जिसमें भारी नुकसान की खबर आ रही है. रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 7.8 मापी गयी है. खबरों की मानें तो भूकंप स्थानीय समय के अनुसार, सुबह 04:17 बजे आया. इसकी गहराई जमीन से 17.9 किलोमीटर अंदर थी. भूकंप के झटके तुर्की के गाजियांटेप के पास महसूस किये गये. समाचार एजेंसी AFP की मानें तो, अब तक 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. मरने वालों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, भूकंप का केंद्र गजियांतेप से करीब 33 किलोमीटर दूर 18 किलोमीटर की गहराई में था. भूकंप के आने के 10 मिनट बाद 6.7 की तीव्रता का एक और तेज झटका महसूस किया गया.

तुर्की प्रशासन की ओर से जानकारी दी गयी है कि भूकंप की घटना में 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो गयी है. सोशल मीडिया पर जो वीडियो पोस्ट किये जा रहे हैं, उनमें बड़े नुकसान का दावा किया जा रहा है.


पीएम मोदी ने जताया दुख

खबरों की मानें तो भूकंप के तेज झटकों में कई इमारतें ढह गईं जिसमें लोग दब गये. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तुर्की में भूकंप के कारण जनहानि और संपत्ति के नुकसान पर दुख जताया है. उन्होंने अपने ट्विटर वॉल पर लिखा कि शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदना है. घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं. भारत तुर्की के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है और इस त्रासदी से निपटने के लिए हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है.


‘‘विनाशकारी’’ भूकंप

उत्तर पश्चिम सीरिया में विपक्ष के ‘सीरियन सिविल डिफेंस’ ने विद्रोहियों के कब्जे वाले क्षेत्र में स्थिति को ‘‘विनाशकारी’’ बताते हुए कहा कि इमारतें ढहने से कई लोग मलबे में दब गये हैं. ‘सीरियन सिविल डिफेंस’ ने लोगों से इमारतों से बाहर खुले स्थान पर रहने को कहा है. आपको बता दें कि भूकंप ऐसे समय में आया है, जब पश्चिम एशिया बर्फीले तूफान की चपेट में है जिसके गुरुवार तक जारी रहने के आसार हैं.


मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटे बचावकर्मी

मृतक संख्या के बढ़ने की आशंका है क्योंकि बचावकर्मी अब भी प्रभावित इलाकों में मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं. आंशिक रूप से ढह गई इमारतों के अंदर, सड़क पर खड़े लोग मदद की गुहार लगाते नजर आये. भूकंप के झटके काहिरा तक महसूस किये गये. इसका केंद्र सीरियाई सीमा से करीब 90 किलोमीटर दूर में गजियांतेप शहर के उत्तर में था.

सैकड़ों लोगों के मारे जाने की आशंका

अतमद कस्बे के चिकित्सक मुहीब कदौर ने फोन पर ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ को बताया कि हमें सैकड़ों लोगों के मारे जाने की आशंका है. हम बेहद दबाव में हैं. तुर्किये के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन ने ट्वीट किया कि भूकंप प्रभावित क्षेत्रों के लिए ‘‘ खोज एवं बचाव दलों को तुरंत रवाना कर दिया गया है.’’ उन्होंने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि जानमाल के कम से कम नुकसान के साथ हम इस आपदा से मिलकर बाहर निकलेंगे.


भूकंप के बाद महसूस किये गये छह झटके

खबरों की मानें तो भूकंप के बाद करीब छह झटके महसूस किये गये. गृह मंत्री सुलेमान सोयलू ने लोगों से क्षतिग्रस्त इमारतों में जाने से बचने को कहा है. उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता इमारतों के मलबे में फंसे लोगों को निकालना और उन्हें अस्पताल पहुंचाना है.

तुर्किये के मालात्या प्रांत के गवर्नर हुलुसी साहिन ने बताया कि कम से कम 130 इमारतें ढह गईं. आपको बता दें कि उत्तर-पश्चिम तुर्किये में 1999 में आये शक्तिशाली भूकंप में करीब 18,000 लोग मारे गए थे.

भाषा इनपुट के साथ

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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