Trump Netanyahu Iran Deal Meeting: मिडिल ईस्ट में मचे घमासान के बीच अब बातचीत का दौर शुरू हो गया है. प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के मुताबिक, इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बुधवार को वॉशिंगटन में मुलाकात करेंगे. इस मीटिंग का सबसे बड़ा मुद्दा ईरान के साथ होने वाली न्यूक्लियर डील (परमाणु समझौता) है.
नेतन्याहू की शर्त: सिर्फ परमाणु नहीं, मिसाइलों पर भी लगे लगाम
द जेरूसलम पोस्ट के अनुसार, पीएम नेतन्याहू इस मीटिंग से पहले रविवार को अपनी कैबिनेट और गठबंधन के नेताओं के साथ बड़ी बैठक करेंगे. ‘वल्ला’ की रिपोर्ट के अनुसार, नेतन्याहू का मानना है कि ईरान के साथ कोई भी समझौता तब तक अधूरा है, जब तक उसमें उसकी बैलिस्टिक मिसाइलों पर रोक न लगे और ईरान द्वारा दूसरे देशों में चलाए जा रहे ‘सशस्त्र गुटों’ (Iranian Axis) को मिलने वाली मदद बंद न हो.
ट्रंप बोले- ईरान डील चाहता है
ट्रंप ने एयरफोर्स वन (राष्ट्रपति विमान) में पत्रकारों को बताया कि पिछले शुक्रवार को ओमान की राजधानी मस्कट में हुई बातचीत ‘बहुत अच्छी’ रही. ट्रंप के अनुसार, ईरान के तेवर अब ढीले पड़ते दिख रहे हैं और वे समझौता करना चाहते हैं. ट्रंप ने साफ कर दिया कि चाहे कुछ भी हो जाए, ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने दिए जाएंगे.
इस बातचीत में खास बात यह रही कि इसमें ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर और अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ के साथ ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची मौजूद थे. हालांकि यह बातचीत इनडायरेक्ट (परोक्ष) थी, लेकिन अरागची ने अल जजीरा को बताया कि उन्होंने अमेरिकी डेलीगेशन से हाथ मिलाया और सीधी बातचीत भी की.
ईरान का पलटवार: ‘मिसाइलों पर बात नहीं होगी’
भले ही अमेरिका और इजरायल दबाव बना रहे हों, लेकिन ईरान के विदेश मंत्री अरागची ने दो टूक कह दिया है कि ईरान अपने बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम पर न अभी बात करेगा और न ही भविष्य में. दोहा में उन्होंने इजरायल पर निशाना साधते हुए कहा कि दुनिया का नजरिया ‘दोहरा’ है. उनका आरोप है कि इजरायल को तो हथियारों का जखीरा बढ़ाने की छूट है, लेकिन ईरान से निशस्त्रीकरण की मांग की जाती है.
तनाव के बीच बातचीत: अमेरिका ने भेजी समुद्री फौज
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, यह बातचीत ऐसे समय में हो रही है जब पिछले साल अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हवाई हमले किए थे. एक तरफ बातचीत चल रही है, तो दूसरी तरफ ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अमेरिका का एक बड़ा समुद्री बेड़ा (USS अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप) ईरान की तरफ बढ़ रहा है. ट्रंप ने इसे ‘अरमाडा’ (जंगी जहाजों का बेड़ा) कहा है, जो किसी भी स्थिति के लिए तैयार है.
ईरान की जिद और अमेरिका की नई पाबंदियां
ईरान चाहता है कि उस पर लगे प्रतिबंध हटा दिए जाएं और वह शांतिपूर्ण काम के लिए यूरेनियम संवर्धन (Enrichment) जारी रखे. लेकिन अमेरिका और उसके साथी देश इसके लिए तैयार नहीं हैं.
नई पाबंदियां: बातचीत के तुरंत बाद अमेरिका ने ईरानी तेल ले जाने वाले 14 जहाजों पर नए प्रतिबंध लगा दिए हैं.
धमकी: अरागची ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका या इजरायल ने हमला किया, तो वे क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाएंगे और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होने वाली तेल की सप्लाई रोक देंगे.
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