Iran Hormuz Strait Plan: होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान अपनी पकड़ रत्ती भर भी ढीली नहीं करना चाहता. अमेरिका-इजरायल के हमले और फिर सभ्यता तक बर्बाद करने की धमकियों के बावजूद उसने अपने स्टैंड से डिगने से मना कर दिया है. अब होर्मुज के इस संकरे समुद्री रास्ते के लिए ईरान ने नया ऐलान किया है. ईरानी संसद के सदस्या इब्राहिम अजीजी ने शनिवार को कहा कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए एक ‘पेशेवर तंत्र’ तैयार किया है. यह व्यवस्था एक निर्धारित समुद्री मार्ग के जरिए लागू की जाएगी और इसे जल्द सार्वजनिक किया जाएगा.
अजीजी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह प्रस्तावित तंत्र ईरान की राष्ट्रीय संप्रभुता के दायरे में तैयार किया गया है. इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय व्यापार की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. उन्होंने आगे कहा कि केवल व्यावसायिक जहाजों और ईरान के साथ सहयोग करने वाले पक्षों को ही इस व्यवस्था का लाभ मिलेगा. इस तंत्र के तहत दी जाने वाली विशेष सेवाओं के लिए आवश्यक शुल्क भी लिया जाएगा. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तथाकथित ‘फ्रीडम प्रोजेक्ट’ यानी अमेरिका से जुड़े ऑपरेटरों के लिए यह मार्ग बंद रहेगा.
अमेरिका-इजरायल फिर से ईरान पर कर सकते हैं हमला
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है. वहीं ईरान के इस नए ऐलान के बाद तनाव और बढ़ सकता है. हाल ही में न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि अमेरिका और इजरायल ईरान के ऊपर 1 हफ्ते के अंदर फिर से हमला करने की योजना बना रहे हैं. इसके लिए टारगेट लिस्ट भी तैयार किए जा रहे हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के र्ईरान को धमकाने वाले बयान अब भी जारी हैं. शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और चीन इस बात पर सहमत हैं कि ‘ईरान परमाणु हथियार नहीं रख सकता’ और होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखा जाना चाहिए. अपना चीन दौरा पूरा करने के बाद एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य को नियंत्रित करता है. उन्होंने यह भी कहा कि पिछले ढाई हफ्तों में अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी के कारण ईरान को प्रतिदिन लगभग 50 करोड़ डॉलर का नुकसान हुआ है.
सीजफायर के बावजूद नहीं सुधरी स्थिति
28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के तेहरान पर हुए हमले के बाद लगातार स्थिति बिगड़ी. इस युद्ध में अब तक 4000 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई. ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई समेत कई सैन्य लीडर मारे गए हैं. 4 मार्च से ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी कर दी. पूरे विश्व में जब तेल, गैस और अन्य चीजों का संकट पैदा हुआ, तो 8 अप्रैल को दोनों पक्षों ने सीजफायर पर सहमति बनाई. हालांकि, होर्मुज स्ट्रेट अब भी बंद है.
दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस का यातायात वाले मार्ग- होर्मुज स्ट्रेट को ईरान के बाद अमेरिका ने भी बंद कर दिया. ट्रंप ने कहा कि अगर वे इसे बंद करते हैं तो आप भी उन्हें बंद कर देते हैं. और यह सच है कि हम (अमेरिका) जलडमरूमध्य को नियंत्रित करते हैं. पिछले ढाई हफ्तों में उन्होंने कोई व्यापार नहीं किया है, जिससे उन्हें प्रतिदिन लगभग 50 करोड़ डॉलर का नुकसान हुआ है.’
ये भी पढ़ें:- मादुरो का राजदार अमेरिका में देगा गवाही! वेनेजुएला ने एलेक्स साब को किया डिपोर्ट
ये भी पढ़ें:- नीदरलैंड ने लौटाए 1000 साल पुराने चोल काल के ताम्रपत्र, पीएम मोदी ने कहा भारतीयों के लिए गर्व का पल
ईरान बोला- शांति की राह में अमेरिका ही बड़ी बाधा
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, फ्रांसीसी ब्रॉडकास्टर BFMTV से बातचीत में ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि पश्चिम एशिया संकट को खत्म करने के लिए कोई शांति समझौता नहीं हुआ, तो हालात ‘बेहद खराब’ हो सकते हैं. वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि पश्चिम एशिया में शांति की राह में सबसे बड़ी बाधा अमेरिका बना हुआ है.
नई दिल्ली में ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अराघची ने मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव में भरोसे की कमी को खुलकर सामने रखा. अराघची ने दावा किया कि 40 दिनों तक अपने सैन्य उद्देश्यों में विफल रहने के बाद अमेरिका ने बातचीत की दिशा में कदम बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन तेहरान में इसे लेकर गहरा अविश्वास बना हुआ है.
