ट्रक ड्राइवरों पर ट्रंप का हंटर, भारतीय चालकों के लिए भी वीजा बंद, तत्काल प्रभाव से आदेश लागू

Truck Drivers: अमेरिकी सरकार विदेशी ट्रक ड्राइवरों के लिए देश का दरवाजा बंद कर रहा है. विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि उनका देश वाणिज्यिक ट्रक चालकों के लिए श्रमिक वीजा जारी करना बंद कर रहा है. रुबियो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस कदम की घोषणा करते हुए कहा कि यह बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है. उन्होंने कहा कि अमेरिकी सड़कों पर बड़े ट्रैक्टर-ट्रेलर चलाने वाले विदेशी चालकों की बढ़ती संख्या अमेरिकी नागरिकों की जान को खतरे में डाल रही है और अमेरिकी ट्रक चालकों की आजीविका को नुकसान पहुंचा रही है.

Truck Drivers: अमेरिका सरकार के एक फैसले से वहां रह रहे विदेशी ट्रक ड्राइवरों पर गाज गिर गई है. इसका खासा असर भारतीय ट्रक ड्राइवरों को भी झेलना पड़ेगा. अमेरिकी सरकार ने विदेशी ट्रक ड्राइवरों को कमर्शियल लाइसेंस देने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है. यह खबर सबसे ज्यादा उन लोगों के लिए दुखदायी है जो अमेरिका रोजगार की आस में जाते हैं. अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो की एक पोस्ट ने लाखों लोगों को निराश कर दिया है. पैसा, मान और मुनाफा के लिए भारत से हजारों लोग अमेरिका में ट्रक ड्राइवरी के लिए जाते हैं. रुबियो ने कहा “हम तत्काल प्रभाव से वाणिज्यिक ट्रक चालकों के लिए सभी प्रकार के श्रमिक वीजा जारी करने पर रोक लगा रहे हैं. अमेरिकी सड़कों पर बड़े ट्रैक्टर-ट्रेलर ट्रक चलाने वाले विदेशी चालकों की बढ़ती संख्या अमेरिकी जीवन को खतरे में डाल रही है और अमेरिकी ट्रक चालकों की आजीविका को प्रभावित कर रही है.”

एक हादसे के कारण अमेरिकी सरकार ने ले लिया इतना बड़ा फैसला

ट्रंप प्रशासन ने पिछले कुछ महीनों से यह तय कर रही है कि जो भी ट्रक चालक सड़कों पर गाड़ी चला रहे हैं वो अंग्रेजी बोलने और पढ़ने में दक्ष हों. इस सिलसिले में परिवहन विभाग ने कहा कि इसका मकसद सड़क सुरक्षा में सुधार करना है, क्योंकि चालकों के अंग्रेज़ी न बोलने और संकेतों को नहीं पढ़ने के कारण कई बड़े सड़क हादसे हो जा रहे हैं, जिसमें लोगों की जानें जा रही है. ट्रक ड्राइवर हरजिंदर सिंह से इसी महीने 12 अगस्त को एक बड़ा हादसा हो गया था. उसने फ्लोरिडा टर्नपाइक पर रांग यू-टर्न ले लिया था, इस दौरान एक अन्य वाहन ने ट्रक से टकरा गई. हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई.  जांच में सामने आया कि अंग्रेजी नहीं पढ़ पाने के कारण हरजिंदर ने गलत टर्न ले लिया था. बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया. अब उसे कानूनी प्रक्रियाओं का भी सामना करना पड़ रहा है. साथ ही गलत तरीके से अमेरिका में एंट्री के कारण डिपोर्टेशन का खतरा भी मंडरा रहा है.

मान, पैसा और मुनाफा के लिए जाते हैं अमेरिका

भारतीय लोग ट्रक ड्राइवरी के लिए बड़ी संख्या में अमेरिका जाते हैं. इसका सबसे बड़ा कारण है कि उन्हें इसके बदले मोटा पैसा मिलता है. ट्रक ड्राइवरों को पैसा काम के घंटे के आधार पर मिलता है. उन्हें काफी अच्छी सुविधाएं भी मिलती है. इस कारण अमेरिका में विदेशी नागरिक ट्रक ड्राइविंग के लिए जाने को बेताब रहते हैं. ट्रक ड्राइवरों को महीने में 6 से 8 हजार डॉलर तक की कमाई हो जाती है, यह भारत में लाखों हो जाता है. वहीं अनुभव होने पर अच्छी कंपनियां भी उन्हें हायर कर लेती है. ऐसे में उनका मुनाफा काफी बढ़ जाता है.

अमेरिका में कितने हैं विदेशी ट्रक ड्राइवर?

अमेरिका के आंकड़ों के हिसाब से यूएस में विदेशी ट्रक ड्राइवरों की संख्या साल 2000 से 2021 के बीच  7 लाख 20 हजार से ज्यादा हो गई है. अमेरिकी इंडस्ट्री ग्रुप की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में सबसे अधिक ट्रक ड्राइवर लैटिन अमेरिका से हैं. हालांकि हाल के वर्षों में बड़ी संख्या में ट्रक ड्राइवर भारत समेत अन्य देशों से आकर अमेरिका में रह रहे हैं. भारत के पंजाब और हरियाणा से खासी संख्या में लोग अमेरिकी जाकर ट्रक ड्राइवरी कर रहे हैं. यहां सिख समुदाय के लोगों की साखी संख्या है, जो वहां ट्रक चलाते हैं. 

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >