अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2028 में तीसरी बार राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की संभावना को लेकर बड़ा बयान दिया है. ट्रंप ने माना कि वह एक और चुनाव लड़ना पसंद करेंगे, लेकिन अमेरिकी संविधान का कानून उन्हें तीसरी बार राष्ट्रपति बनने की दौड़ में शामिल होने से रोकता है. उन्होंने कहा कि इस मामले में कानून काफी स्पष्ट और सख्त है.
‘कानून बहुत सख्त है’
मैरीलैंड स्थित ज्वाइंट बेस एंड्रयूज में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप से 2028 के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर सवाल पूछा गया. इस पर उन्होंने कहा, “मुझे चुनाव लड़ना पसंद होगा, लेकिन कानून बहुत सख्त है.” ट्रंप ने बताया कि उनसे लगातार यह सवाल पूछा जाता है और उनके समर्थक भी चाहते हैं कि वह 2028 में फिर चुनाव लड़ें. उन्होंने ओहायो में हुए एक कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि वहां भी लोग ‘2028’ के नारे लगा रहे थे.
तीसरी बार चुनाव लड़ने में क्या है अड़चन?
दरअसल, अमेरिकी संविधान के 22वें संशोधन के तहत कोई भी व्यक्ति दो बार से ज्यादा अमेरिका का राष्ट्रपति नहीं चुना जा सकता. यह संशोधन 1947 में कांग्रेस ने पारित किया था और फरवरी 1951 में राज्यों की मंजूरी के बाद संविधान का हिस्सा बना. इसलिए ट्रंप का 2028 में तीसरी बार राष्ट्रपति चुनाव लड़ना मौजूदा संवैधानिक व्यवस्था के तहत संभव नहीं है. हालांकि, ट्रंप का ताजा बयान किसी आधिकारिक चुनावी घोषणा के तौर पर नहीं देखा जा रहा है. उन्होंने सिर्फ अपनी इच्छा और संवैधानिक सीमा के बारे में बात की है.
ट्रंप से पहले क्या हुआ था?
अमेरिकी संविधान में शुरुआत में राष्ट्रपति के कार्यकाल की कोई तय सीमा नहीं थी. हालांकि, पहले राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंगटन के दो कार्यकाल के बाद पद छोड़ने की परंपरा बन गई थी. बाद में फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट ने इस परंपरा को तोड़ा. वह 1940 में तीसरी और 1944 में चौथी बार राष्ट्रपति चुने गए थे. अप्रैल 1945 में उनके निधन के बाद राष्ट्रपति के कार्यकाल की सीमा तय करने की मांग तेज हुई और इसके बाद 22वां संशोधन लाया गया.
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ट्रंप 2016 और 2024 में राष्ट्रपति चुनाव जीत चुके हैं. दोनों जीत लगातार नहीं थीं, लेकिन संविधान में लगातार या गैर-लगातार कार्यकाल का अंतर नहीं किया गया है. इसलिए मौजूदा नियमों के तहत 2028 में तीसरी बार राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ना उनके लिए संभव नहीं है.
