Syria Crisis: जिस फ्लाइट से भागे बशर अल असद कुछ देर रडार से हो गया था गायब, रूस ने दी शरण

Syria Crisis: सीरिया में राजनीतिक संकट के बाद राष्ट्रपति बशर अल-असद और उनके परिवार को देश से भागना पड़ा है. रूस ने असद को शरण दी है.

Syria Crisis: सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद और उनके परिवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने देश में शरण दी है. असद को राजनीतिक संकट के बाद देश छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा. जिससे उनका दो दशक से अधिक का शासन समाप्त हो गया. पहले खबर आई थी कि असद की विमान का रडार से संपर्क टूट गया था. विमान के क्रैश होने की आशंका व्यक्त की जा रही थी, लेकिन अब उनके रूस में शरण लेने की पुष्टि हो चुकी है.असद रविवार को इल्यूशिन एयरक्राफ्ट से दमिश्क हवाई अड्डे से उड़ान भरे. जब वो सीरिया से भागे थे, उस समय किसी को भी कोई खबर नहीं थी कि वो कहां जा रहे हैं. हालांकि उनके विमान को रूस की ओर जाते देखा गया था.

सीरियाई विद्रोहियों ने दमिश्क पर किया कब्जा

सीरियाई विद्रोहियों ने रविवार को राजधानी दमिश्क में प्रवेश किया और उसे अपने कब्जे में ले लिया. सीरीया में गृह युद्ध जो कुछ वर्षों से शांत था, फिर से उभर आया और कुछ ही हफ्तों में सीरियाई विद्रोही समूहों ने अलेप्पो, होम्स और दारा जैसे कई प्रमुख शहरों पर कब्जा कर लिया. रविवार को दमिश्क पर कब्जा कर लिया.

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विद्रोहियों ने मनाया जश्न

दमिश्क पर कब्जा करने के बाद विद्रोहियों ने सड़क पर जमकर जश्न मनाया. सोशल मीडिया में कई वीडियो इस समय वायरल हो रहे हैं, जिसमें बंदुकधारियों को जश्न मनाते देखा जा सकता है.

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials) अरबिंद शैक्षणिक रूप से भी पत्रकारिता और क्षेत्रीय विषयों के गहरे जानकार हैं:

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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