US Iran Ceasefire: अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का सीजफायर हो गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार देर रात ईरान पर बड़े हमलों की अपनी धमकी से पीछे हटते हुए युद्धविराम का ऐलान किया. यह फैसला उन्होंने तेहरान को समझौते के लिए दी गई तय डेडलाइन खत्म होने से करीब दो घंटे पहले लिया. ईरान भी दो हफ्ते के सीजफायर के लिए राजी हो गया है. मिडिल ईस्ट में टेंशन फिलहाल खत्म होने के बाद ईरान होर्मुज खोलने को भी तैयार है. इस बीच सवाल उठ रहा है कि क्या अब ईरान होर्मुज से गुजरने के लिए टोल वसूलेगा?
अराघची ने सोशल मीडिया पर कही यह बात
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया पर कहा- दो हफ्तों के लिए होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित आवाजाही हो सकती है. इस बीच उन्होंने यहां से गुजरने वाले जहाजों के लिए टोल वसूले जाने को लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. लेकिन उन्होंने अपने पोस्ट में ईरानी फोर्स से कॉर्डिनेशन और टेक्निकल लिमिटेशन की बात कही है. यानी ईरान होर्मुज में अपना दावा जारी रख रहा है.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से टोल वसूल सकता है ईरान!
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज लंबे समय से अंतर्राष्ट्रीय जलमार्ग माना जाता रहा है, इसपर कोई टोल नहीं लगता था. लेकिन मिडिल ईस्ट युद्ध के दौरान ईरान ने इस रूट को बंद कर दिया. ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि ईरान और ओमान होर्मुज़ स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से फीस वसूल सकता है. यह भी उम्मीद की जा रही है कि ईरान होर्मुज से होने वाली कमाई का इस्तेमाल युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई और पुनर्निर्माण के लिए करेगा.
कितने जहाज होर्मुज से गुजरते हैं?
शिपिंग इंडस्ट्री के बारे में जानकारी देने वाली वेबसाइट लॉयड्स लिस्ट के मुताबिक होर्मुज से आमतौर पर हर दिन 100 से 120 जहाज गुजरते हैं. दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस की सप्लाई इसी रूट से होती है. अगर होर्मुज पर ईरान टैक्स लगाता है, तो दुनिया भर में तेल और गैस की कीमत बढ़ जाएगी. एशियाई देश होर्मुज पर बहुत अधिक निर्भर हैं. इसी रास्ते चीन, भारत, जापान, साउथ कोरिया और यूरोप के कई देशों तक Liquefied Natural Gas (LNG) पहुंचता है. ऐसे में होर्मुज से ईरान को अच्छी कमाई हो सकती है. वैसे अगर ईरान टोल वसूलता है तो इससे अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेज और गैस महंगे हो सकते हैं.
ईरान को होर्मुज से कैसे हो सकती है मोटी कमाई?
कुछ मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि अगर ईरान होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से प्रति जहाज 15 लाख डॉलर (करीब 14 करोड़ रुपये) तक वसूल सकता है. इस लिहाज से वह अकेले कच्चे तेल टैंकरों से हर महीने 4.5 अरब डॉलर की मोटी कमाई कर सकता है. ईरान ने जंग के दौरान भी कुछ जहाजों से टोल वसूला था. हालांकि इसकी पुख्ता जानकारी नहीं है कि ईरान ने कितना टोल लिया था. कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक 10 से 15 मिलियन डॉलर टोल वसूला गया था.
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