Ship Attack Hormuz Strait: मिडिल ईस्ट में सामान्य होते हालात के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर नई चिंता सामने आई है. ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा एजेंसी यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस के मुताबिक, सिंगापुर के झंडे वाला मालवाहक जहाज एवर लवली (Ever Lovely) ओमान के समुद्री क्षेत्र के पास यात्रा कर रहा था, तभी उस पर एक प्रोजेक्टाइल (विस्फोटक वस्तु) से हमला हुआ. इस घटना के बाद संयुक्त राष्ट्र के इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन (IMO) ने खाड़ी क्षेत्र से फंसे जहाजों को निकालने का काम अस्थायी रूप से रोक दिया है. अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर सहमत होने के बाद, यूएन की एजेंसी इस क्षेत्र में फंसे जहाजों और नाविकों को निकालने में जुटी थी.
यह घटना उस समय सामने आई जब ईरान ने जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के उन रास्तों से गुजरने को लेकर चेतावनी दी थी, जिन्हें तेहरान ने मंजूरी नहीं दी है. ईरान के पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी ने कहा था कि जो भी जहाज तय किए गए मार्गों के बाहर से गुजरेंगे, उन्हें सुरक्षित रास्ते की गारंटी नहीं दी जाएगी. इसके बाद समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई और IMO ने अपने अभियान की समीक्षा करने का फैसला किया. हालांकि, IMO ने यह भी साफ किया कि जिस जहाज पर हमले की रिपोर्ट आई है, वह उसके निकासी अभियान का हिस्सा नहीं था.
IMO ने क्यों रोका जहाजों की निकासी अभियान?
IMO ने हाल ही में एक स्वैच्छिक अभियान शुरू किया था, जिसका मकसद उन सैकड़ों जहाजों और हजारों नाविकों को खाड़ी क्षेत्र से बाहर निकालना था, जो महीनों से इस जलमार्ग से आगे नहीं बढ़ पा रहे थे. IMO के महासचिव आर्सेनियो डोमिंग्वेज ने बयान जारी करते हुए कहा,
‘मैंने इस अभियान के क्रियान्वयन को अस्थायी रूप से रोकने का फैसला किया है, ताकि यह दोबारा सुनिश्चित किया जा सके कि हमारी निकासी सूची में शामिल जहाजों और पूरे क्षेत्र में मौजूद अन्य जहाजों के लिए जरूरी सुरक्षा गारंटी अभी भी बनी हुई है.’
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से निकलने के लिए बनाए गए थे दो रास्ते
IMO की ओर से शुरू किए गए इस अभियान के तहत जहाजों को खाड़ी क्षेत्र से बाहर निकलने के लिए दो वैकल्पिक रास्ते दिए गए थे. पहला मार्ग ईरानी जल क्षेत्र से होकर जाता था, जबकि दूसरा ओमान के समुद्री क्षेत्र से होकर गुजरता था. इस पूरी प्रक्रिया पर अमेरिका की निगरानी थी. हालांकि, हमले की घटना के बाद इस व्यवस्था की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं.
ईरान ने कहा- रास्तों पर रहेगा उसका नियंत्रण
ईरान ने संकेत दिया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नौवहन व्यवस्था पर उसका नियंत्रण जारी रहेगा. इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा कि सुरक्षित मार्ग केवल उन्हीं रास्तों पर मिलेगा जिन्हें तेहरान ने निर्धारित किया है. ईरानी गार्ड्स ने चेतावनी दी कि जो जहाज इन निर्देशों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है. ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा कंपनी एम्ब्रे ने भी बताया कि गुरुवार को रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दो पनामा-झंडे वाले जहाजों को अपना रास्ता बदलने का आदेश दिया.
तेल बाजार पर असर, कीमतों में आया उछाल
जहाज पर हमले की खबर के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में भी प्रतिक्रिया देखने को मिली. बेंचमार्क तेल कीमतों में करीब 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई. इससे यह चिंता फिर बढ़ गई कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल निर्यात सामान्य स्थिति में लौटने में कितना समय लगेगा. यह जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. संघर्ष से पहले यहां से दुनिया की करीब पांचवीं हिस्सेदारी वाली तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति गुजरती थी.
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युद्ध के बाद पहली बार बढ़ी थी शिप की आवाजाही
ईरान-अमेरिका के बीच युद्धविराम के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही में तेजी आई है, हालांकि यह अब भी युद्ध से पहले के स्तर तक नहीं पहुंची है. मरीन डेटा फर्म लॉयड्स लिस्ट इंटेलिजेंस के मुताबिक, पिछले सप्ताह 125 जहाज इस मार्ग से गुजरे, जबकि उससे पहले वाले सप्ताह में केवल 33 जहाजों ने यहां से आवाजाही की थी. वहीं, बुधवार को 78 जहाजों का गुजरना युद्ध शुरू होने के बाद का सबसे बड़ा दैनिक आंकड़ा रहा. हालांकि, होर्मुज में नए हमले के बाद यह फिर से घट सकता है.
अमेरिका का दावा- तेल आपूर्ति फिर बढ़ रही
अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल की आवाजाही संघर्ष से पहले के स्तर के करीब पहुंच रही है. उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटों में इस जलमार्ग से कम से कम 2 करोड़ बैरल तेल गुजरा है.
