ना गिरफ्तारी का डर, ना हत्या की परवाह... दिसंबर में बांग्लादेश लौटने का शेख हसीना ने किया ऐलान

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा कि वे दिसंबर 2026 तक अपने देश लौटेंगी, भले ही उन्हें गिरफ्तारी, जेल या मौत का सामना करना पड़े. हसीना ने कहा कि उनके लोग उन्हें बुला रहे हैं.

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने दावा करते हुए कहा है कि वह इस साल दिसंबर तक अपने देश लौटेंगी, चाहे उन्हें गिरफ्तारी, जेल या मौत का ही सामना क्यों न करना पड़े. हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, अगस्त 2024 में सत्ता से हटने के बाद से वह भारत में रह रही हैं.

छात्र आंदोलन के बाद छोड़नी पड़ी थी सत्ता

शेख हसीना को अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन के बाद प्रधानमंत्री पद छोड़ना पड़ा था. प्रदर्शनकारियों ने उनके सरकारी आवास पर कब्जा कर लिया था, जिसके बाद वह हेलीकॉप्टर से भारत आ गई थीं. संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, आंदोलन के दौरान हुई हिंसा में करीब 1,400 लोगों की मौत हुई थी. बाद में ढाका की एक अदालत ने उन्हें मानवता के खिलाफ अपराध का दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई, जिसे हसीना ने राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया.

मुझे पता है कि मुझे गिरफ्तार किया जा सकता है, जेल भेजा जा सकता है या मेरी हत्या भी हो सकती है, लेकिन मेरे लोग मुझे बुला रहे हैं, इसलिए मैं लौटना चाहती हूं.- " बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना"

भारत पर नहीं डाला किसी तरह का दबाव

हसीना ने कहा कि भारत में उन्हें पूरा सम्मान मिला है और भारतीय अधिकारियों ने कभी उनके प्रत्यर्पण पर उनसे कोई चर्चा नहीं की. उन्होंने स्पष्ट किया कि बांग्लादेश लौटने का फैसला पूरी तरह उनका अपना है. हालांकि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने भारत से उनके प्रत्यर्पण की मांग की है, लेकिन नई दिल्ली ने कहा है कि इस अनुरोध पर विचार किया जा रहा है.

आरोपों को बताया राजनीतिक साजिश

पूर्व प्रधानमंत्री हसीना ने अपने शासनकाल में मानवाधिकार उल्लंघन और विपक्ष पर कार्रवाई के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ये सब राजनीतिक अभियान का हिस्सा हैं. उन्होंने दावा किया कि छात्र आंदोलन धीरे-धीरे सुनियोजित हिंसक अभियान में बदल गया था, जिसका मकसद उनकी सरकार को गिराना था. राजनीति में वापसी के सवाल पर उन्होंने कहा कि सत्ता मेरा लक्ष्य नहीं है, बल्कि लोगों की सेवा करना ही मेरा उद्देश्य है.

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By सत्येन्द्र गिरि

सत्येन्द्र गिरि प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वे मुख्य रूप से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों से जुड़ी खबरों का लेखन करते हैं. सरल, तथ्यात्मक और पाठक-केंद्रित लेखन उनकी प्रमुख पहचान है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से मास्टर ऑफ आर्ट्स इन मास कम्युनिकेशन (बैच 2023–25) की डिग्री प्राप्त की है.

पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, रिपोर्टिंग और समसामयिक विषयों की गहन समझ विकसित की. पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके पास एक वर्ष का पेशेवर अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला के गोरखपुर एडिशन से की, जहां समाचार लेखन और रिपोर्टिंग की बारीकियों को नजदीक से सीखने और समझने का अवसर मिला. इसके बाद उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता में कदम रखते हुए प्रभात खबर डिजिटल से जुड़कर देश-विदेश की महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य शुरू किया.

सत्येन्द्र की विशेष रुचि इतिहास, अंतरराष्ट्रीय संबंध, राजनीति, कूटनीति और समसामयिक घटनाक्रम से जुड़े विषयों में है. वे जटिल और गंभीर मुद्दों को भी सरल, संतुलित और विश्वसनीय तरीके से प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं. राष्ट्रीय और वैश्विक घटनाओं पर उनकी गहरी नजर रहती है तथा वे तथ्यपरक और निष्पक्ष पत्रकारिता को अपनी कार्यशैली का आधार मानते हैं. वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के निवासी हैं.

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