Scott Key Bridge: जहाज के टक्कर से कुछ इस तरह ढह गया फ्रांसिस स्कॉट की ब्रिज, आपातकाल की घोषणा

Scott Key Bridge: अमेरिका में मैरीलैंड के बाल्टीमोर में एक कंटेनर पोत के टक्कर से फ्रांसिस स्कॉट की ब्रिज पूरी तरह से ढह गई, जिससे कई गाड़ियां नदी में गिर गई. बताय जा रहा है कि हादसे में 7 से अधिक लोग लापता हो गए हैं. इधर हादसे के बाद मैरीलैंड के राज्यपाल ने आपातकाल की घोषणा कर दी है.

Scott Key Bridge: मैरीलैंड के राज्यपाल वेस मूर ने हादसे पर दुख जताया और बचाव कार्य में जुटे लोगों की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा, हम उन बहादुर लोगों के आभारी हैं जो इसमें शामिल लोगों को बचाने के प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने सभी की सुरक्षा के लिए प्रार्थना किया.

कब और कैसे हुआ हादसा

बाल्टीमोर में फ्रांसिस स्कॉट की ब्रिज मंगलवार सुबह एक बड़े जहाज से टकराने के बाद ढह गया. घटना के वक्त पुल पर कई गाड़ियां चल रही थीं. ब्रिज ढहने का वीडियो सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पोत ‘फ्रांसिस स्कॉट की ब्रिज’ के एक स्तंभ से टकराता है, जिससे पुल ढहकर पानी में गिर गया. टक्कर के बाद पोत में भी आग लग गई और ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि वह डूब गया.

राहत और बचाव कार्य जारी

बाल्टीमोर अग्निशमन विभाग के संचार निदेशक केविन कार्टराईट ने अमेरिकी समाचार एजेंसी ‘एसोसिएटेड प्रेस’ को बताया कि यह आपात स्थिति है. उन्होंने कहा, हमारा ध्यान फिलहाल लोगों को बचाने पर और पानी से बाहर निकालने पर है. कार्टराईट ने कहा कि आपातकालीन कर्मी कम से कम सात लोगों की तलाश कर रहे हैं जिनके बारे में माना जा रहा है कि वे नदी में हैं.

1977 में खोला गया था ब्रिज

ब्रिज 1977 में खोला गया था और यह पटाप्सको नदी तक फैला है जो एक महत्वपूर्ण मार्ग है और बाल्टीमोर बंदरगाह के साथ-साथ पूर्वी तट पर नौ-परिवहण का केंद्र है.

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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