Saudi Arabia Hajj: सऊदी अरब में गर्मी ने बरपाया कहर, हज करने गए 500 से अधिक लोगों की मौत की खबर

Saudi Arabia Hajj: सऊदी अरब में इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है. गर्मी के कारण हज करने गए सैकड़ों लोगों की मौत हो गई है.

Saudi Arabia Hajj: हज यात्रियों ने मंगलवार को तीसरे दिन भीषण गर्मी के बीच शैतान को प्रतीकात्मक रूप से पत्थर मारने और मक्का शहर में इस्लाम के सबसे पवित्र स्थल काबा के चारों ओर तवाफ (अंतिम परिक्रमा) के साथ हज का समापन किया. लेकिन इस बीच दुखद खबर भी है कि हज करने गए 500 से अधिक लोगों की मौत भीषण गर्मी से हो गई. हालांकि सऊदी अरब ने हज के दौरान गर्मी के कारण मरने वालों की संख्या के बारे में कोई टिप्पणी नहीं की है, न ही मौतों की वजह बताई है.

मरने वालों में मिस्र के नागरिक सबसे अधिक

मीडिया में जो खबरें चल रही हैं, उसके अनुसार हज करने गए लोगों में मरने वालों की संख्या सबसे अधिक मिस्र की है. बताया जा रहा है कि मिस्र के करीब 300 से अधिक लोगों की मौत हो गई है. वहीं, जॉर्डन के 14 लोगों सहित सैकड़ों व्यक्तियों की मौत होने की सूचना है. सऊदी अधिकारियों ने अभी तक इस साल के हज के दौरान मरने वालों की संख्या नहीं बताई है. कई हज यात्री अरकान करते समय कहा गए पता नहीं चला, बाद में उनके रिश्तेदारों ने उनकी तलाश के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया. कई लोग गर्मी से बेहोश हो गए थे.

मौत के कारणों के बारे में नहीं बताया गया

भाषा की खबर के अनुसार एसोसिएटेड प्रेस से बात करने वाले एक चिकित्सक ने कहा कि सूची वास्तविक प्रतीत होती है. एक अन्य अधिकारी ने भी नाम न बताने की शर्त पर कहा कि उनका मानना है कि कम से कम 600 लोगों की मौत हुई है. सूची में मृत्यु का कोई कारण नहीं बताया गया है.

47 के पार पहुंच गया तापमान

सऊदी राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार मंगलवार को मक्का और शहर के आसपास के स्थलों पर तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. शैतान को कंकड़ मारने की कोशिश करते समय कुछ लोगों को बेहोश होते देखा. गर्मी के कारण कुछ बुजुर्ग समेत कई हज यात्री बेहोश हो गए और उन्हें चिकित्सा सहायता की आवश्यकता पड़ी.

अरकान बुराई और पाप को दूर भगाने का प्रतीक

मक्का के बाहर रेगिस्तानी क्षेत्र मीना में तीन दिन तक पत्थर मारने का अरकान (संस्कार, रस्म) हज के अंतिम अरकानों में से एक है, जो बुराई और पाप को दूर भगाने का प्रतीक है. शनिवार को हज यात्रियों के माउंट अराफात नाम के पवित्र पहाड़ पर एकत्र होने के एक दिन बाद ये अरकान शुरू हुए. वार्षिक हज के अंतिम दिन को दुनिया भर के मुस्लिमों ने ईद-उल -अजहा त्योहार के रूप में मनाया. जायरीनों ने पैगंबर इब्राहिम की विश्वास की परीक्षा को याद किया. हज इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक है.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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