दुनिया में नाटो जैसा बने न्यूक्लियर शेयरिंग प्रोग्राम : शिंजो आबे
जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने रविवार को कहा कि उनके देश को लंबे समय से जारी एक वर्जना को तोड़ देना चाहिए और परमाणु हथियारों पर सक्रिय बहस शुरू करनी चाहिए. आबे ने नाटो की तरह संभावित न्यूक्लियर-शेयरिंग प्रोग्राम की बात कही है. यूक्रेन पर रूसी हमले के बीच आबे की यह टिप्पणी काफी अहम मानी जा रही है. आबे ने कहा, जापान ने परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर किया है और तीन गैर-परमाणु सिद्धांत हैं, लेकिन इस पर बात करने के लिए कोई मनाही नहीं है कि दुनिया सुरक्षित कैसे रह सकती है.
तो शायद रूसी हमले का सामना नहीं करना पड़ता
जापान टाइम्स के अनुसार, आबे ने कहा कि यूक्रेन ने सोवियत यूनियन से अलग होते वक्त सुरक्षा गारंटी के लिए कुछ परमाणु हथियार रखा होता, तो शायद उसे रूसी हमले का सामना नहीं करना पड़ता. आबे ने कहा कि सरकार लगातार कहती है कि एशिया के सुरक्षा का वातावरण लगातार खराब हो रहा है. इनमें चीन की बढ़ती आक्रामकता और उत्तर कोरिया के परमाणु प्रोग्राम भी शामिल हैं. आबे ने कहा कि नाटो की न्यूक्लियर-शेयरिंग व्यवस्था एक मिसाल है कि जापान उन खतरों को कैसे कम कर सकता है.