नेपाल में सांप्रदायिक हिंसा के बाद राहत, कई जिलों से हटा कर्फ्यू

नेपाल के मधेश और कोशी प्रांत में सांप्रदायिक हिंसा के बाद हालात सामान्य होने लगे हैं. सुरक्षा स्थिति में सुधार को देखते हुए प्रशासन ने कई जिलों में कर्फ्यू हटाया या उसमें ढील दी है, हालांकि संवेदनशील इलाकों में अब भी निषेधाज्ञा लागू है.

नेपाल के मधेश और कोशी प्रांत में सांप्रदायिक हिंसा के बाद अब हालात धीरे-धीरे सामान्य होने लगे हैं. प्रशासन ने सुरक्षा स्थिति में सुधार को देखते हुए रविवार( 2 अगस्त ) को कई जिलों में कर्फ्यू हटाने या उसमें ढील देने का फैसला किया है. पीटीआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, हालांकि संवेदनशील इलाकों में अभी भी निषेधाज्ञा लागू रहेगी और सुरक्षा बल पूरी तरह सतर्क हैं.

लाउडस्पीकर और धार्मिक झंडे से शुरू हुआ विवाद

यह हिंसा की शुरुआत 26 जुलाई को सुनसरी जिले में हुई थी. दो समुदायों के बीच धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान लाउडस्पीकर के इस्तेमाल और धार्मिक झंडे लगाने को लेकर विवाद बढ़ गया. देखते ही देखते यह विवाद हिंसक झड़पों में बदल गया और आसपास के इलाकों तक फैल गया.

नेपाल के मधेश प्रांत में तनाव कम करने के लिए कई इलाकों में विभिन्न समुदायों ने शांति रैलियां निकालीं. इसी बीच गृह मंत्री सुधन गुरूंग की पहल पर जनकपुरधाम में सरकार और एक धार्मिक संगठन के बीच 13 सूत्रीय समझौता हुआ. इसका उद्देश्य सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना, आपसी विश्वास बढ़ाना और प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शनों को समाप्त कर प्रदेश में स्थायी शांति बहाल करना है.

तीन लोगों की मौत, कई जिलों में सुरक्षा कड़ी

पुलिस सूत्रों के मुताबिक हिंसा में अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है। इनमें सुनसरी जिले के दो और सिराहा जिले का एक व्यक्ति शामिल है. हालात बिगड़ने के बाद कई जिलों में कर्फ्यू, निषेधाज्ञा और भारी पुलिस बल तैनात किया गया था, जिससे अब धीरे-धीरे राहत दी जा रही है.

सप्तरी, धनुषा और पर्सा में नई व्यवस्था

सप्तरी जिले से कर्फ्यू पूरी तरह हटा लिया गया है, लेकिन राजबिराज नगरपालिका समेत दो क्षेत्रों में निषेधाज्ञा जारी रहेगी. धनुषा जिले में भी कर्फ्यू समाप्त कर दिया गया है. वहीं पर्सा जिले के वीरगंज के कुछ हिस्सों में शाम 5 बजे से सुबह 6 बजे तक चार से अधिक लोगों के एकत्र होने और सार्वजनिक सभाओं पर रोक रहेगी.

शांति रैलियां और 13 सूत्रीय समझौता

नेपाल में तनाव कम करने के लिए मधेश प्रांत के कई इलाकों में विभिन्न समुदायों ने शांति रैलियां निकालीं. इसी बीच गृह मंत्री सुधन गुरूंग की पहल पर जनकपुरधाम में सरकार और एक धार्मिक संगठन के बीच 13 सूत्रीय समझौता हुआ. इसका उद्देश्य सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखना, आपसी विश्वास बढ़ाना और प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शनों को समाप्त कर प्रदेश में स्थायी शांति बहाल करना है.

ये भी पढ़ें: होर्मुज और लाल सागर के रास्तों पर 'टोल वॉर'! ईरान और हूती की तैयारी ने क्यों बढ़ाई अमेरिका की चिंता?


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By सत्येन्द्र गिरि

सत्येन्द्र गिरि प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वे मुख्य रूप से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों से जुड़ी खबरों का लेखन करते हैं. सरल, तथ्यात्मक और पाठक-केंद्रित लेखन उनकी प्रमुख पहचान है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से मास्टर ऑफ आर्ट्स इन मास कम्युनिकेशन (बैच 2023–25) की डिग्री प्राप्त की है.

पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने समाचार लेखन, डिजिटल मीडिया, रिपोर्टिंग और समसामयिक विषयों की गहन समझ विकसित की. पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके पास एक वर्ष का पेशेवर अनुभव है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अमर उजाला के गोरखपुर एडिशन से की, जहां समाचार लेखन और रिपोर्टिंग की बारीकियों को नजदीक से सीखने और समझने का अवसर मिला. इसके बाद उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता में कदम रखते हुए प्रभात खबर डिजिटल से जुड़कर देश-विदेश की महत्वपूर्ण खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का कार्य शुरू किया.

सत्येन्द्र की विशेष रुचि इतिहास, अंतरराष्ट्रीय संबंध, राजनीति, कूटनीति और समसामयिक घटनाक्रम से जुड़े विषयों में है. वे जटिल और गंभीर मुद्दों को भी सरल, संतुलित और विश्वसनीय तरीके से प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं. राष्ट्रीय और वैश्विक घटनाओं पर उनकी गहरी नजर रहती है तथा वे तथ्यपरक और निष्पक्ष पत्रकारिता को अपनी कार्यशैली का आधार मानते हैं. वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के निवासी हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >