कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा का निधन, भारत में एक दिन के राष्ट्रीय शोक का ऐलान

Qatar Sheikh Hamad bin Khalifa Al-Thani Passed Away: कतर के पूर्व शासक अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी का रविवार को 74 वर्ष की आयु में निधन हो गया. भारत सरकार ने उनके सम्मान में 13 जुलाई 2026 को पूरे देश में एक दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है.

Qatar Sheikh Hamad bin Khalifa Al-Thani Passed Away: विदेश मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रीय शोक के दिन पूरे भारत में सभी सरकारी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) आधा झुका रहेगा. इसके अलावा, इस दौरान देश में कोई भी आधिकारिक मनोरंजन या सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा.



पीएम मोदी ने जताया शोक, बताया 'भारत का सच्चा मित्र'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर कतर के पूर्व अमीर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया. उन्होंने शेख हमद बिन खलीफा को एक दूरदर्शी नेता बताया. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा: "हम कतर के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन से बेहद दुखी हैं. वह एक दूरदर्शी नेता थे जिन्होंने कतर को आधुनिक और समृद्ध बनाया. भारत उन्हें हमेशा एक 'सच्चे मित्र' के रूप में याद रखेगा. मुझे फरवरी 2024 में कतर यात्रा के दौरान उनसे मिलने का सौभाग्य मिला था. दिवंगत आत्मा को शांति मिले." प्रधानमंत्री ने कतर के वर्तमान अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी, वहां के शाही परिवार और कतर की जनता के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त की हैं.

कतर दौरे पर जाएंगे केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू

संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू जल्द ही कतर का दौरा करेंगे. वे भारत सरकार और देश की जनता की ओर से कतर के शाही परिवार के प्रति आधिकारिक रूप से संवेदना व्यक्त करेंगे.

थानी ने 18 वर्षों तक कतर के अमीर के रूप में शासन किया

शेख हमद बिन खलीफा अल थानी ने 18 वर्षों तक कतर के अमीर के रूप में शासन किया. जून 2013 में उन्होंने स्वेच्छा से अपने बेटे (वर्तमान अमीर) को सत्ता सौंप दी थी. अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने फारस की खाड़ी के इस छोटे से देश को कूटनीति, मीडिया, खेल और वैश्विक निवेश के क्षेत्र में एक बेहद प्रभावशाली और शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में स्थापित किया था.


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लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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