Sarasadat Hosseiny Photos Controversy Iran: ईरान में महिलाओं के लिए हिजाब पहनना एक सामाजिक और कानूनी नियम है. हिजाब की पाबंदी महिलाओं के पहनावे को नियंत्रित करती है. इस कानून को लागू कराने के लिए मोरैलिटी पुलिस (नैतिकता पुलिस) तैनात रहती है, जिसे आधिकारिक तौर पर गाइडेंस पेट्रोल कहा जाता है. यह पुलिस महिलाओं के पहनावे की जांच करती है और अगर वे न करें, तो… चेतावनी, जुर्माना, गिरफ्तारी या मौत. 2022 में महासा अमीनी की मौत उदाहरण है. लेकिन इसी ईरान के एक दिवंगत टॉप जनरल की रिश्तेदार अमेरिका में बिकनी और टू-पीस कपड़ों में आजाद घूम रही हैं. आखिर ये कैसे हो रहा है? सोशल मीडिया पर लोगों ने सवाल उठाए.
कासिम सुलेमानी ईरान के सबसे ताकतवर आर्मी जनरल माने जाते थे. 2020 में अमेरिकी ड्रोन हमले में मौत हो गई. वे कुद्स फोर्स के पूर्व कमांडर थे. उन्होंने इजरायल के खिलाफ ईरान के प्रॉक्सी माने जाने वाले हूती, हिज्बुल्लाह और हमास को ट्रेन किया. इसलिए उनका मारा जाना ईरान के लिए एक बड़ा झटका था. लेकिन ईरान जितना गदर बाहर मचा रहा था, उतना ही क्रूर शासन घर के अंदर भी रहा.
हिजाब की पाबंदी ने ली लड़कियों की जान
1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद ईरान में हिजाब की पाबंदी लागू हुई. पश्चिमी प्रभाव को कम करने और इस्लामी मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए महिलाओं के लिए हिजाब पहनना अनिवार्य कर दिया गया. हालांकि, क्रांति से पहले ईरान में महिलाएं अपेक्षाकृत स्वतंत्र पहनावा अपनाती थीं, लेकिन नए कानूनों के तहत सार्वजनिक स्थानों पर सिर ढकना और ढीले-ढाले कपड़े पहनना जरूरी बना दिया गया. आज के समय में यह कानून ईरान की सामाजिक और राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बना हुआ है.
2022 में महासा अमीनी की मौत के बाद देशभर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए, जिससे इस कानून को लेकर वैश्विक स्तर पर भी बहस तेज हुई. दो साल पहले 2024 में 31 साल अरेजू बद्री को भी हिजाब न पहनने के कारण गोली मार दी गई. उसी साल जनवरी में 33 साल की रोया हेशमती पर बिना हिजाब पहने घूमने पर शरिया कानून के तहत रोया को 74 कोड़े मारने की सजा और लगभग 24 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया. लेकिन यह सब ईरान में ईरान की आम जनता के लिए है. सोशल मीडिया पर इसे लेकर जमकर सवाल उठाए गए हैं.
कौन हैं कासिम सुलेमानी की रिश्तेदार?
मारे गए ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी की ग्लैमरस ग्रैंड-निस (परपोती की बेटी/भतीजी की बेटी) सरीनासादत हुसैनी आजकल चर्चा में हैं. 25 वर्षीय हुसैनी और उनकी मां हमीदेह सुलेमानी अफशार को शुक्रवार को अमेरिका में गिरफ्तार किया गया. अमेरिकी विदेश विभाग ने उनकी स्थायी निवास (ग्रीन कार्ड) स्थिति समाप्त कर दी. एजेंसी के अनुसार, यह कार्रवाई ईरानी शासन से उनके कथित संबंधों के कारण की गई.
सुलेमानी की रिश्तेदार अमेरिका आईं और मिला सेटलमेंट
हुसैनी 2021 में स्टूडेंट वीजा पर अमेरिका आई थीं और बाद में 2023 में उन्हें स्थायी निवास (ग्रीन कार्ड) मिल गया था. उनकी मां हमीदेह सुलेमानी अफशार (सुलेमानी की भतीजी) 2015 में अमेरिका आई थीं, 2019 में उन्हें शरण (असाइलम) मिला और 2021 में ग्रीन कार्ड दिया गया था. फिलहाल दोनों ICE की कस्टडी में हैं और उन्हें अमेरिका से निर्वासित (डिपोर्ट) किए जाने की प्रक्रिया का सामना करना पड़ रहा है.
अफशार पर आरोप है कि उन्होंने अमेरिका में रहते हुए ईरानी सरकार के प्रचार को बढ़ावा दिया, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का समर्थन किया और सोशल मीडिया पर अमेरिका विरोधी विचार व्यक्त किए. यह आम बात हो सकती है, क्योंकि अमेरिका ईरान के साथ युद्ध में है.
हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया है कि हुसैनी पर किसी आपराधिक मामले का आरोप नहीं लगाया गया है. लेकिन उनकी लॉस एंजिल्स में एक लग्जरी जिंदगी, उनके कपड़े भी लोगों की नजर में आ गए. उस ईरानी जनरल की रिश्तेदार, जिसके अपने घर में बच्चियां हिजाब के लिए कत्ल की जा रही हैं और उसकी रिश्तेदारों की लैविश लाइफस्टाइल वाली खुली और आजाद जिंदगी.
सोशल मीडिया पर शेयर कीं ‘आजाद जिंदगी’
हुसैनी कई वर्षों से अमेरिका में रह रही थीं और सोशल मीडिया पर अपने लग्जरी लाइफस्टाइल की झलकियां साझा करती थीं, जिनमें देशभर की यात्राएं, महंगी कारें और महंगे कपड़े शामिल थे. हुसैनी के सोशल मीडिया से पता चलता है कि उन्होंने अमेरिका में रहते हुए बेहद लग्जरी और छुट्टियों से भरी जिंदगी का आनंद लिया, जबकि उनकी मां अमेरिका को ग्रेट सैटन कहती थीं. उन्होंने प्राइवेट जेट से यात्रा, यॉट पर सनबाथ और म्यूजिक फेस्टिवल में डांस करते हुए अपनी तस्वीरें शेयर कीं हैं.
फोटो- Sarinasadat Hosseiny/ इंस्टाग्राम.
हमीदेह सुलेमानी अफशार के पास अमेरिका में घर और लैविश लाइफस्टाइल
न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अफशार के पास लॉस एंजिलिस में एक घर है. अफशार ने यह संपत्ति 2021 में खरीदी थी, जिसे उन्होंने किराए पर भी दे रखा है. 50 वर्षीय पियानो शिक्षक हालासियस ब्रैडफोर्ड, जो अफशार के यहां किराए पर रहते हैं. उन्होंने बताया कि शुक्रवार शाम करीब 5 बजे दोनों- मां और बेटी को हिरासत में लिया गया.
घर की जांच की गई
ब्रैडफोर्ड ने कहा कि वह महिलाओं को ले जाते हुए नहीं देख पाए, लेकिन अगले दिन जब घर का निरीक्षण किया गया, तो पता चला कि अफशार मुख्य घर के पीछे बने एक छोटे यूनिट (ADU) में रह रही थीं. घर के अंदर से मिली चीजों से उनके सजे-संवरे लॉस एंजिल्स लाइफस्टाइल की झलक मिलती है.
ये भी पढ़ें:- होर्मुज नाकेबंदी के बीच इस अफ्रीकी देश पहुंचा INS त्रिकंद, जहां है बंपर नैचुरल गैस भंडार
ये भी पढ़ें:- ईरान में लापता F‑15 पायलट ने भेजा था 3 शब्दों का मैसेज, ट्रंप बोले- साजिश जैसी लगी, लेकिन फिर…
छोटे से घर में सेल्फी के लिए रिंग लाइट और डिजाइनर कपड़े टांगने के लिए मैनिक्विन रखा हुआ था. अफशार एक काली टेस्ला कार चलाती थीं, जिसमें लग्जरी सामान भरा हुआ मिला, जैसे- महंगे ब्रांड्स के बैग, कुशन और मेकअप किट. ब्रैडफोर्ड ने बताया कि शुक्रवार को पहली बार उनकी मुलाकात हुसैनी से हुई थी. उन्होंने यह भी बताया कि छापे के दौरान हुसैनी का बॉयफ्रेंड भी मौजूद था, जिसने कहा कि ICE ने उन्हें घर के बाहर ही रोक लिया और अफशार के बारे में पूछा.
दोनों पर डिपोर्ट होने का खतरा
यह गिरफ्तारी अमेरिका द्वारा उन लोगों के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा मानी जा रही है, जिन पर ऐसे विदेशी शासन से संबंध या समर्थन का संदेह है, जिन्हें अमेरिका अपने लिए खतरा मानता है. खासतौर पर ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच. दोनों के खिलाफ कार्रवाई इमिग्रेशन स्थिति और राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं से जुड़ी है, जो उनके ग्रीन कार्ड रद्द होने के बाद सामने आई हैं.
