पाकिस्तान को वर्ल्ड बैंक की चेतावनी: बाढ़ राहत कोश से न करें खिलवाड़, 1.19 लाख परिवारों की मदद पर आ सकता है संकट

विश्व बैंक ने पाकिस्तान के बाढ़ राहत सहायता कार्यक्रम को लेकर चिंता जताई है. आवास सहायता के लिए आवंटित राशि को दूसरी परियोजनाओं में इस्तेमाल करने के फैसले पर बैंक ने चेतावनी दी है. इससे बड़ी संख्या में पात्र परिवार राहत से वंचित हो सकते हैं, जिससे उनकी गरीबी और आपदा का जोखिम बढ़ सकता है.

बलूचिस्तान में बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए बनाए गए आवास सहायता कार्यक्रम की राशि को दूसरी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में इस्तेमाल करने के फैसले पर विश्व बैंक ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है. बैंक ने आशंका जताई है कि इस फैसले से बड़ी संख्या में पात्र परिवार राहत से वंचित हो सकते हैं और उनकी गरीबी व आपदा का जोखिम और बढ़ सकता है.

1.19 लाख परिवार सहायता से बाहर

डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, विश्व बैंक ने पाकिस्तान के संघीय अधिकारियों को भेजे पत्र में कहा है कि 1,19,049 सत्यापित और पात्र परिवार वित्तीय सहायता से बाहर हो गए हैं. बैंक के मुताबिक, सहायता पाने वाले परिवारों में 84 प्रतिशत बेहद गरीब और असुरक्षित श्रेणी में आते हैं.

इनमें करीब 28 प्रतिशत परिवारों की मासिक आय 30 अमेरिकी डॉलर से कम है. वहीं 26 प्रतिशत परिवारों की आय 31 से 70 डॉलर के बीच है. लाभार्थियों में 39 प्रतिशत किरायेदार, 37 प्रतिशत दिहाड़ी मजदूर और 8 प्रतिशत छोटे किसान बताए गए हैं.

66 हजार से ज्यादा शिकायतें दर्ज

विश्व बैंक ने यह भी बताया कि परियोजना की शिकायत निवारण व्यवस्था में तय समय तक 66,120 शिकायतें दर्ज हो चुकी थीं. बैंक की कंट्री डायरेक्टर बोलोरोमा अमगाबाजार ने अधिकारियों से सभी शिकायतकर्ताओं को व्यक्तिगत रूप से फैसले की जानकारी देने और उसका लिखित या सत्यापन योग्य रिकॉर्ड उपलब्ध कराने को कहा है.

बैंक ने चेताया कि अगर इन परिवारों को आवास सहायता नहीं मिली तो उन्हें घरों की मरम्मत के लिए भोजन, स्वास्थ्य और बच्चों की शिक्षा पर होने वाले खर्च में कटौती करनी पड़ सकती है. कुछ परिवारों को कर्ज लेने या अपनी उत्पादक संपत्तियां बेचने के लिए भी मजबूर होना पड़ सकता है.

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By आलोक पाठक

आलोक पाठक वर्ष 2019 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अपने पत्रकारिता सफर के दौरान वे खबर मंत्र, गांडीव और नक्षत्र न्यूज़ जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं। वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। हिंदी भाषा और लेखन के प्रति उनका विशेष लगाव है। उन्हें भू-राजनीति (Geopolitics) और राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े विषयों पर लिखना पसंद है। निजी जीवन में कहानियां और कविताएं लिखना तथा कालजयी साहित्य का अध्ययन उनकी प्रमुख रुचियों में शामिल है। उनका प्रयास तथ्यों पर आधारित, सरल और प्रभावी लेखन के माध्यम से पाठकों तक सार्थक जानकारी पहुंचाना है।

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