पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान 24 सितंबर को न्यूयॉर्क में मुलाकात करने वाले हैं. यह बैठक संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान होगी. खास बात यह है कि यह मुलाकात ऐसे समय हो रही है, जब ढाका और इस्लामाबाद के बीच राजनीतिक, सैन्य और प्रशासनिक स्तर पर संपर्क बढ़ा है. भारत के लिहाज से यह मुलाकात इसलिए अहम है क्योंकि तारिक रहमान ने हाल ही ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत दौरे को ना कहा था.
न्यूयॉर्क में शहबाज-तारिक की मुलाकात
- रिपोर्ट की मानें तो बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान 81वें संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र में हिस्सा लेने के लिए न्यूयॉर्क पहुंच चुके हैं.
- बांग्लादेशी प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, 24 सितंबर को उनकी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ द्विपक्षीय बैठक होगी.
- यह मुलाकात संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में होगी. 24 सितंबर को ही तारिक रहमान पहली बार संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित भी करेंगे.
- तारिक रहमान के भाषण में रोहिंग्या संकट के अलावा लोकतांत्रिक बदलाव, कानून का शासन, शांति और सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन तथा आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दे शामिल रहने की उम्मीद है.
पाकिस्तान से बढ़ रही ढाका की नजदीकी
- बांग्लादेश और पाकिस्तान के रिश्तों में पिछले कुछ समय से सक्रियता बढ़ी है.अगस्त 2025 में पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने ढाका का दौरा किया था.
- यह 2012 के बाद किसी वरिष्ठ पाकिस्तानी अधिकारी की बांग्लादेश यात्रा के लिहाज से अहम दौरा था. दोनों देशों ने व्यापार और दूसरे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर बातचीत की थी
- दोनों देश के रिश्ते सिर्फ राजनीतिक स्तर पर ही नहीं, सुरक्षा और सैन्य संपर्क भी बढ़े हैं. जनवरी 2025 में बांग्लादेश का एक सैन्य प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान गया था.
- इसके बाद अक्टूबर 2025 में पाकिस्तान के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष जनरल साहिर शमशाद मिर्जा ने ढाका का दौरा किया और बांग्लादेश की तीनों सेनाओं के प्रमुखों से मुलाकात की थी.
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पाकिस्तानी अकादमी में बांग्लादेशी अफसरों की ट्रेनिंग
- दोनों देशों के बीच बढ़ते संपर्क का एक और उदाहरण प्रशासनिक प्रशिक्षण है. मई 2026 में 12 वरिष्ठ बांग्लादेशी अधिकारियों को पाकिस्तान में पेशेवर प्रशिक्षण के लिए भेजा गया.
- बांग्लादेश के प्रशासन मंत्रालय के आदेश के मुताबिक, इस कार्यक्रम का पूरा खर्च पाकिस्तान सरकार ने उठाया. रिपोर्टों के अनुसार, यह 1970 के दशक के बाद दोनों देशों के वरिष्ठ नौकरशाहों के बीच इस तरह का पहला व्यवस्थित प्रशिक्षण कार्यक्रम था.
- हालांकि, इसे सीधे भारत के खिलाफ किसी रणनीतिक योजना का सबूत मानना जल्दबाजी होगी लेकिन बीते दिनों जिस तरह का बांग्लादेश की विदेश नीति रही है वो भारत के लिए हैरान करने वाला है.
भारत से दूरी या सिर्फ अलग कूटनीतिक रणनीति?
- तारिक रहमान की पहली विदेश यात्रा भी इस बदलती कूटनीतिक दिशा की चर्चा का हिस्सा बनी. प्रधानमंत्री बनने के बाद जून 2026 में उन्होंने पहली विदेश यात्रा मलेशिया और चीन की की थी.
- इसके बाद भारत ने तारिक रहमान को नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन के आउटरीच कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता दिया.
- भारत ने अलग से द्विपक्षीय यात्रा का निमंत्रण भी दिया था. भारतीय विदेश मंत्रालय ने बाद में इसकी पुष्टि की. लेकिन तारिक रहमान ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल नहीं हुए
- फिलहाल भारत और बांग्लादेश के बीच तारिक रहमान की संभावित यात्रा को लेकर बातचीत जारी है. रिपोर्टों के मुताबिक, नवंबर में उनकी भारत यात्रा के लिए तारीखों पर विचार किया जा रहा है.
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संयुक्त राष्ट्र में बांग्लादेश की भी बड़ी भूमिका
इस पूरे घटनाक्रम में एक और तथ्य महत्वपूर्ण है. बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के अध्यक्ष हैं. उन्हें जून 2026 में इस पद के लिए चुना गया था. इसलिए न्यूयॉर्क में बांग्लादेश की कूटनीतिक मौजूदगी इस बार ज्यादा महत्वपूर्ण है.
ऐसे में शहबाज शरीफ और तारिक रहमान की मुलाकात को पाकिस्तान-बांग्लादेश संबंधों में बढ़ते संपर्क की कड़ी के तौर पर देखा जा सकता है. हालांकि आने वाले समय में व्यापार, रक्षा, सुरक्षा और क्षेत्रीय कूटनीति में दोनों देशों के फैसले ही इस रिश्ते की दिशा को ज्यादा स्पष्ट करेंगे.
