पाकिस्तान: बच्चों के सामने महिला से दुष्कर्म करने वालों की फांसी की सजा बरकरार, एलन मस्क हुए खुश; कही ये बात

Pakistan Motorway Gangrape Case: पाकिस्तान की लाहौर हाई कोर्ट ने 2020 के चर्चित मोटरवे गैंगरेप मामले में दोषी ठहराए गए दो आरोपियों की फांसी की सजा बरकरार रखी है. इस फैसले की सराहना अमेरिका के अरबपति बिजनेसमैन एलन मस्क ने भी की है. जानिए क्या था पूरा मामला, कैसे हुई गिरफ्तारी और अदालत ने क्या कहा.

Pakistan Motorway Gangrape Case: पाकिस्तान के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में से एक माने जाने वाले मोटरवे गैंगरेप केस में दोषी ठहराए गए दो आरोपियों को बड़ा झटका लगा है. लाहौर हाई कोर्ट ने उनकी अपील खारिज करते हुए निचली अदालत द्वारा सुनाई गई फांसी की सजा को बरकरार रखा है. यह घटना 2020 में कोरोना काल की है. मोटरवे गैंगरेप मामले में ट्रायल कोर्ट ने 2021 में अपना फैसला सुनाया था, जिसे हाई कोर्ट ने फिलहाल बरकरार है.

2020 में हुई थी दिल दहला देने वाली वारदात

यह मामला 9 सितंबर 2020 का है. पाकिस्तानी मूल की फ्रांस की एक महिला अपने तीन बच्चों के साथ सियालकोट-लाहौर मोटरवे पर सफर कर रही थी. देर रात यात्रा के दौरान उसकी कार का तेल खत्म हो गया, जिससे परिवार सड़क किनारे फंस गया. जांच के मुताबिक महिला मदद का इंतजार करते हुए बच्चों के साथ कार के अंदर ही बैठी रही और दरवाजे बंद कर लिए थे. इसी दौरान दो हमलावर वहां पहुंचे. 

आरोप है कि उन्होंने कार का शीशा तोड़ दिया, महिला को जबरन बाहर निकाला और बच्चों के सामने हथियार के बल पर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया. घटना को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने परिवार से नकदी, आभूषण और बैंक कार्ड भी लूट लिए और मौके से फरार हो गए.

मोबाइल डेटा और डीएनए सबूतों से पुलिस पहुंची आरोपियों तक

वारदात के बाद पूरे पाकिस्तान में भारी गुस्सा देखने को मिला. पुलिस ने मामले की जांच तेज की और कुछ ही दिनों में आरोपियों तक पहुंच गई. जांच एजेंसियों ने मोबाइल फोन डेटा की जांच कर संदिग्धों की पहचान की. इसके बाद घटनास्थल से मिले डीएनए नमूनों ने भी आरोपियों को अपराध से जोड़ दिया.

जांच अधिकारियों के अनुसार, कानूनी प्रक्रिया के दौरान पीड़िता ने दोनों आरोपियों की पहचान की थी. वहीं दोषियों में से एक शफकत अली ने मजिस्ट्रेट के सामने कथित तौर पर अपना जुर्म भी स्वीकार किया था.

2021 में सुनाई गई थी फांसी की सजा

मजबूत सबूतों और गवाहियों के आधार पर मार्च 2021 में एक आतंकवाद निरोधक अदालत ने आबिद अली और शफकत अली को दोषी करार दिया था. अदालत ने दोनों को सामूहिक दुष्कर्म, अपहरण, डकैती और आतंकवाद से जुड़े अपराधों का दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुनाई थी. इसके अलावा उन्हें आजीवन कारावास और अन्य जेल सजाएं भी दी गई थीं.

पुलिस अधिकारी के बयान पर भी भड़का था विवाद

इस घटना के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए थे. उस समय विवाद तब और बढ़ गया था जब तत्कालीन लाहौर पुलिस प्रमुख उमर शेख ने महिला के रात में यात्रा करने और वैकल्पिक रास्ता न चुनने को लेकर टिप्पणी की थी. उनके बयान की व्यापक आलोचना हुई थी और इसे पीड़िता को दोषी ठहराने की कोशिश के रूप में देखा गया था.

हाई कोर्ट में क्या दलीलें दी गईं?

फांसी की सजा के खिलाफ आबिद अली और शफकत अली ने लाहौर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. उनकी ओर से अदालत में कहा गया कि अभियोजन पक्ष की कहानी में कई कमियां और विरोधाभास हैं. बचाव पक्ष ने सबूतों की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए और ट्रायल कोर्ट के फैसले को रद्द करने की मांग की.

दूसरी ओर सरकारी वकीलों ने अदालत को बताया कि मामले में पेश किए गए साक्ष्य बेहद मजबूत हैं और ट्रायल कोर्ट ने सभी तथ्यों तथा सबूतों की विस्तार से जांच के बाद ही फैसला सुनाया था.

हाई कोर्ट ने क्यों खारिज की अपील?

पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लाहौर हाई कोर्ट के न्यायाधीशों ने अभियोजन पक्ष की दलीलों को सही माना. अदालत ने पाया कि निचली अदालत के फैसले को पलटने का कोई पर्याप्त आधार नहीं है. इसके बाद दोनों दोषियों की अपील खारिज कर दी गई और उनकी फांसी की सजा यथावत रखी गई.

ये भी पढ़ें:- जापान में बिना परमिशन तामीर हुई मस्जिद, इफ्तिताह में शामिल थे पाकिस्तानी राजदूत; अब चल सकता है बुलडोजर!

ये भी पढ़ें:- मौत के 3 महीने बाद अली खामेनेई की अंतिम विदाई की तैयारी, इमाम रजा दरगाह में किया जाएगा दफन, जनाजे में करोड़ों लोग शामिल होंगे

मस्क ने पाकिस्तान को दी बधाई

इस निर्णय पर अमेरिका के अरबपति एलन मस्क काफी खुश हुए. उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर ब्रिटेन के एमपी रूपर्ट लोव की पोस्ट पर रिप्लाई करते हुए पाकिस्तान को बधाई दी. मस्क ने कहा कि हमें भी पश्चिमी देशों में ऐसा करना चाहिए.

क्यों खुश हुए एलन मस्क?

मस्क की टिप्पणी पश्चिमी देशों में सख्त मानवाधिकार कानूनों पर थी. कई पश्चिमी देशों में फांसी की सजा समाप्त कर दी गई है या पूरी तरह से प्रतिबंधित है. हालांकि, कुछ देशों में जैसे मस्क देश अमेरिका में यह अब भी लागू है. लेकिन यहां भी रेयर केसेज में ही फांसी दी जाती है. पश्चिमी देश न्यायिक त्रुटि में कोई गुंजाइश नहीं रखना चाहते. साथ ही उनका जोर अपराधी के सुधार पर रहता है.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anant narayan shukla

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं.

इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं.

अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >