पाक अधिकृत कश्मीर में जारी प्रदर्शन के बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने प्रदर्शनकारियों को भारत की तरह ‘दुश्मन’ बताते हुए कहा है कि उनके साथ कोई बातचीत नहीं की जाएगी. इस बीच, पीओके में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 20 हो गई. प्रतिबंधित ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) ने बुधवार को कहा कि सोमवार से पीओके में कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ हुई झड़पों में उसके कम से कम 20 कार्यकर्ता मारे गए हैं और कई घायल हुए हैं.
पीओके के प्रदर्शनकारियों से कोई बातचीत नहीं होगी
कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने मृतकों की संख्या पर सवाल उठाते हुए प्रदर्शनकारियों पर आरोप लगाया कि उन्होंने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी की.ख्वाजा आसिफ ने मंगलवार को पत्रकारों से कहा, प्रदर्शनकारियों के साथ कोई बातचीत नहीं होगी. मैं उन्हें भारत की ही श्रेणी में मानता हूं और उन्हें पाकिस्तान का दुश्मन समझता हूं.वहीं, प्रधानमंत्री के सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने कहा कि जेएएसी ने उनके साथ एक बैठक की थी और अपनी 38 मांगें रखी थीं. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी मुजफ्फराबाद और मीरपुर पर बलपूर्वक कब्जा करना चाहते हैं. सनाउल्लाह ने दावा किया कि वे फिलहाल भारत जैसे हमले में लगे हुए हैं.
झड़प में किसी की मौत नहीं हुई
प्रधानमंत्री के सलाहकार सनाउल्लाह ने यह भी दावा किया कि कानून प्रवर्तन कर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पों में किसी की मौत नहीं हुई है. इस बीच, बीबीसी उर्दू की खबर के अनुसार, बुधवार को मीरपुर में दुकानें और बाजार बंद रहे. पीओके की तथाकथित विधानसभा की 13 सीट के लिए सोमवार को हुए पहले चरण के चुनाव में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) ने नौ सीट जीतीं. बाकी 32 सीट के लिए दूसरे और तीसरे चरण का चुनाव क्रमश: दो और 10 अगस्त को होगा.पीओके में मुख्य मुकाबला पीएमएल-एन और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के बीच है, क्योंकि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने चुनाव का बहिष्कार किया है.
12 विवादित सीट को लेकर प्रदर्शन कर रही है जेएएसी
जेएएसी पिछले महीने से पीओकेमें क्षेत्रीय विधानसभा की 12 विवादित सीट को लेकर प्रदर्शन कर रही है. उसका आरोप है कि प्रतिष्ठान इन सीट के जरिये अपनी पसंद के प्रधानमंत्री को सत्ता में लाने के लिए हस्तक्षेप करता है. भारत ने मंगलवार को इन चुनाव को पाकिस्तान द्वारा अपने अवैध कब्जे और क्षेत्र में मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघनों को छिपाने की कोशिश बताया था. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को दिल्ली में कहा, इस मामले पर भारत का रुख स्पष्ट, एक समान और सर्वविदित है. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पूरे केंद्र शासित प्रदेश, जिनमें वर्तमान में पाकिस्तान के अवैध और जबरन कब्जे वाले क्षेत्र भी शामिल हैं, भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं.
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