पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (18 अगस्त) को पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को जेल से अस्पताल ले जाने का आदेश दिया है. स्थानीय मीडिया के मुताबिक, कोर्ट ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराने का निर्देश दिया. इससे पहले पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने इमरान खान की ताजा मेडिकल रिपोर्ट पर चिंता जताई.
कोर्ट ने निर्देश दिया कि इमरान को आज ही शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में भर्ती कराया जाए. उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जांच और इलाज के लिए डॉक्टरों का एक मेडिकल बोर्ड भी गठित किया जाएगा.
अल्वी ने कहा कि इमरान का तनाव अब बहुत ज्यादा बढ़ गया है और तीन साल से जेल में रहना और पूरी तरह अलग-थलग रहना उनकी सेहत पर भारी पड़ रहा है. इमरान खान की मौत की अपुष्ट खबरों के बीच सामने आई इस मेडिकल रिपोर्ट ने उनके परिवार और समर्थकों की चिंता और बढ़ा दी है. वे लगातार उनकी रिहाई की मांग कर रहे हैं. 2023 से जेल में बंद इमरान की स्वास्थ्य स्थिति को रिपोर्ट में गंभीर बताया गया है.
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पूर्व पीएम इमरान खान का बीपी हाई
पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट में पेश मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान खान का ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ है. उनका बीपी 140/80, पल्स रेट 54 प्रति मिनट और मानसिक तनाव का स्तर काफी ज्यादा दर्ज किया गया है. फरवरी में उनका बीपी 120/80 था, जो सामान्य माना जाता है. 73 साल के इमरान को इस समय दिल की धड़कन तेज होने और बढ़ते तनाव जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.
इमरान की सेहत पर राजनीति से बचें, सुप्रीम कोर्ट की PTI को दो टूक
पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने PTI को इमरान खान की मेडिकल स्थिति को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाने की सलाह दी. कोर्ट ने जेल में इमरान से मुलाकात के बाद पार्टी नेताओं और परिवार की ओर से मीडिया में दिए जाने वाले बयानों पर भी सवाल उठाए. जस्टिस ने कहा कि पार्टी को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इमरान की सेहत को लेकर राजनीति न हो.
