Pakistan Suicide Attack: पाकिस्तान पर बलूच विद्रोहियों का कहर, ट्रेन हाईजैक के बाद सेना के काफिले पर आत्मघाती हमला, 90 की मौत

Pakistan Suicide Attack: पाकिस्तान में बलूच विद्रोहियों का कहर टूटा है. ट्रेन हाईजैक के बाद सेना के काफिले पर आत्मघाती हमला किया है. हमले में 7 जवानों की मौत हो गई. जबकि कई लोग घायल हो गए.

Pakistan Suicide Attack: दक्षिण-पश्चिमी पाकिस्तान में सुरक्षाबलों को ले जा रही एक बस के पास सड़क किनारे रविवार को बम विस्फोट हुआ. जिसमें कम से कम 7 अधिकारियों की मौत हो गई और 10 अन्य घायल हो गए. हालांकि बलूच आर्मी का दावा है कि हमले में 90 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत हुई है. स्थानीय पुलिस प्रमुख जफर जमानानी ने बताया कि यह हमला बलूचिस्तान के नौशकी जिले में हुआ. उन्होंने कहा कि विस्फोट से पास मौजूद एक अन्य बस भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. हताहतों को पास के अस्पताल में ले जाया गया. इसे आत्मघाती हमला बताया जा रहा है.

बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने हमले की निंदा की

पाकिस्तानी सेना के काफिले पर आत्मघाती हमले की बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने निंदा की है.

हमले के पीछे बलूच लिबरेशन आर्मी के हाथ होने के संकेत

संदेह है कि प्रतिबंधित ‘बलूच लिबरेशन आर्मी’ ने यह हमला किया. ‘बलूच लिबरेशन आर्मी’ ने कुछ दिन पहले एक ट्रेन पर घात लगाकर हमला करके करीब 400 यात्रियों को बंधक बना लिया था. पाकिस्तान सरकार ने कहा था कि इस घटना में बलूच विद्रोहियों ने 26 बंधकों की हत्या कर दी और सुरक्षाबलों ने बचाव अभियान में सभी 33 हमलावरों को मार गिराया.

बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा और कम आबादी वाला प्रांत

तेल और खनिज संपदा से समृद्ध बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा और सबसे कम आबादी वाला प्रांत है. बलूचिस्तान के स्थानीय निवासी संघीय सरकार पर लंबे समय से भेदभाव का आरोप लगाते रहे हैं लेकिन पाकिस्तान सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया है. ‘बलूच लिबरेशन आर्मी’ संघीय सरकार से आजादी की मांग कर रही है.

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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