Operation Sindoor: ‘हमले से डरा, भारत से गिड़गिड़ाया पाक’; दक्षिण कोरिया की धरती से बोले कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद

Operation Sindoor: पाकिस्तान की पोल खोलने और ऑपरेशन सिंदूर का मैसेज पूरी दुनिया को देने के लिए भारत सरकार ने 7 डेलिगेशन को विदेश दौरे पर भेजा है. 51 सांसदों, पूर्वी मंत्रियों और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों की टीम 35 देशों का दौरा करेगी. डेलिगेशन का हिस्सा, कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद और उनकी टीम इस समय दक्षिण कोरिया के दौरे में है. वहां के नेताओं से मुलाकात के बाद सलमान खुर्शीद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया. जिसमें उन्होंने पाकिस्तान की पोल खोल दी.

Operation Sindoor: डेलिगेशन का हिस्सा, कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने दक्षिण कोरिया की धरती से कहा, “दुनिया हमें एक ऐसे देश के रूप में देखते हैं जो वैश्विक स्तर पर एक शीर्ष देश के रूप में उभर रहा है. हम जापान से आगे निकलकर चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गए हैं, और हम छलांग लगाकर आगे बढ़ रहे हैं. यह ऐसी चीज है जिसे हमें संरक्षित करने की जरूरत है.” सलमान खुर्शीद जिस टीम का हिस्सा हैं, उसकी अगुआई जेडीयू सांसद संजय झा कर रहे हैं.

भारत के आगे गिड़गिड़ाया पाकिस्तान

कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने कहा, “हमने पाकिस्तान के किसी भी क्षेत्र पर हमला नहीं किया, सिवाय आतंकवादी शिविरों के, और हमने उन पर सटीक हमला किया. अगर उन्होंने हम पर हमला नहीं किया होता, तो हम वहीं रुक जाते, लेकिन उन्होंने हम पर हमला किया, और जब उन्होंने हम पर हमला किया, तो हमने क्या किया? हमने उन प्लेटफार्मों को निष्क्रिय कर दिया, जिनका इस्तेमाल वे हम पर हमला करने के लिए कर रहे थे. हमने उनके हवाई ठिकानों को निष्क्रिय कर दिया. इससे उन्हें स्पष्ट संदेश गया कि आप भारत का सामना नहीं कर सकते, और इसलिए भारत के आगे पाकिस्तान गिड़गिड़ाया. हमें सावधान रहना होगा, यही वजह है कि सरकार ने बहुत स्पष्ट रूप से कहा है कि हम ऑपरेशन सिंदूर को समाप्त नहीं कर रहे हैं.”

हम विश्व गुरु बनना चाहते हैं : खुर्शीद

कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने कहा, “हम विश्व गुरु बनना चाहते हैं, हम विश्व मित्र बनना चाहते हैं – यह एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है. हमारे ऊपर बहुत बड़ी जिम्मेदारी है और इसलिए संयम भी है…हम इसे अपने निजी अनुभव से जानते हैं, और जम्मू-कश्मीर के लोग जो यहां हैं, वे इसे अपने निजी अनुभव से जानते हैं, लेकिन दुनिया शायद इसे नहीं जानती. जिन देशों ने आतंकवाद का दंश झेला है, उन्होंने अपना रवैया बदल लिया है. लेकिन जिन देशों को आतंकवादियों के हाथों नहीं झेलना पड़ा है, वे उग्रवादियों और आतंकवादियों, स्वतंत्रता सेनानियों और आतंकवादियों के बीच ये भेद करना जारी रखते हैं, और इसलिए यह बहुत महत्वपूर्ण है कि हमारी कहानी जारी रहे.”

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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