Nigeria Village Attack: नाइजीरिया के उत्तरी हिस्से में हालात एक बार फिर डराने वाले हो गए हैं. यहां के नाइजर राज्य में रविवार शाम एक शांत गांव अचानक गोलियों और आग की लपटों में घिर गया. हथियारबंद लोगों ने कासुवान-दाजी गांव पर हमला किया. इस हमले में कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई ग्रामीणों को जबरन उठा ले जाया गया. यह जानकारी एपी की रिपोर्ट में सामने आई है. पुलिस ने घटना की पुष्टि की है, लेकिन गांव वालों का कहना है कि असली संख्या इससे कहीं ज्यादा हो सकती है.
Nigeria Village Attack: कैसे हुआ हमला?
पुलिस के अनुसार, हमलावरों ने बोर्गु लोकल गवर्नमेंट एरिया में स्थित गांव में घुसते ही सीधे लोगों पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं. इसके बाद उन्होंने गांव के बाजार और कई घरों में आग लगा दी. हर तरफ भगदड़ मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे. गांव कुछ ही देर में तबाही का मंजर बन गया. नाइजर राज्य पुलिस के प्रवक्ता वसिउ अबियोदुन ने बताया कि फिलहाल 30 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोगों का मानना है कि मरने वालों की संख्या 37 या उससे ज्यादा हो सकती है, क्योंकि अभी सभी शव नहीं मिले हैं. कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जिससे चिंता और बढ़ गई है.
चर्च का दावा- 40 से ज्यादा लोगों की जान गई
इस हमले को लेकर कैथोलिक चर्च की तरफ से और भी गंभीर जानकारी सामने आई है. कोंटागोरा डायोसिस के प्रवक्ता रेव फादर स्टीफन कबीरात ने कहा कि हमले में 40 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है. उन्होंने यह भी बताया कि अगवा किए गए लोगों में बच्चे भी शामिल हैं, जिससे हालात और दर्दनाक हो गए हैं.
Nigeria Village Attack in Hindi: एक हफ्ते से कर रहे थे रेकी
एक स्थानीय निवासी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि हमलावर करीब एक हफ्ते से आसपास के गांवों पर नजर रखे हुए थे. पूरी तैयारी के बाद उन्होंने यह हमला किया. हमला करीब तीन घंटे तक चला, और इस दौरान गांव में कोई मदद नहीं पहुंची. हमले के बाद गांव में इतना डर है कि लोग अपने मरे हुए लोगों के शव तक उठाने नहीं जा पा रहे. एक ग्रामीण ने कहा कि शव अब भी वहीं पड़े हैं, लेकिन बिना सुरक्षा के हम उन्हें लेने कैसे जाएं? ग्रामीणों का कहना है कि अब तक सुरक्षाबल मौके पर नहीं पहुंचे, जबकि पुलिस का दावा है कि जवानों को तैनात कर दिया गया है.
जंगल बने अपराधियों की पनाह
नाइजीरिया में ऐसे हमले अक्सर होते रहते हैं. यहां हथियारबंद गिरोह दूर-दराज के इलाकों और घने जंगलों में छिपकर रहते हैं. अधिकारियों के अनुसार, इस हमले के पीछे जो लोग थे, वे काबे जिले के पास स्थित नेशनल पार्क फॉरेस्ट से आए थे. यह इलाका पहले भी अपराधियों के छिपने की जगह माना जाता रहा है.
यह हमला उस पापिरी समुदाय के पास हुआ है, जहां नवंबर में एक कैथोलिक स्कूल से 300 से ज्यादा बच्चों और शिक्षकों को अगवा किया गया था. इससे साफ है कि यह इलाका लंबे समय से असुरक्षित है और आम लोग लगातार हिंसा का शिकार हो रहे हैं. नाइजीरिया, जो अफ्रीका का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश है, वहां के कई गांवों में सुरक्षा और सरकारी मौजूदगी बहुत कमजोर है. इसी वजह से हथियारबंद गिरोह ऐसे इलाकों को आसान निशाना बनाते हैं, हमला करते हैं और फिर जंगलों में छिप जाते हैं.
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