Nepal Rautahat Communal Tension: भारत के पड़ोसी देश नेपाल में आने वाले दिनों में चुनाव होने वाले हैं. इससे पहले ही देश के रौतहट जिले के गौर नगरपालिका में दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प की घटना सामने आई है. इस सांप्रदायिक तनाव के दौरान उपद्रवियों ने एक पुलिस वाहन को आग के हवाले कर दिया. बताया जा रहा है कि एक शादी की बारात मस्जिद के पास से गुजर रही थी, तभी डीजे बजाने और बंद करने को लेकर विवाद खड़ा हो गया. इसी बात पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते पत्थरबाजी में बदल गई. सांप्रदायिक झड़प के बाद स्थानीय प्रशासन ने अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मधेश प्रदेश में गुरुवार, 19 फरवरी की रात गौर नगरपालिका के सनगढ़ गांव के वार्ड संख्या 6 में दो समुदायों के बीच कहासुनी से पैदा हुआ विवाद गंभीर हो गया. मामला आगजनी और तोड़फोड़ तक जा पहुंचा. पुलिस के मुताबिक, गुरुवार देर रात एक हिंदू विवाह की बारात जब मस्जिद के पास से गुजर रही थी, उसी समय मुसलमान नमाज के लिए एकत्र थे. बाजा बंद करने को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई और कथित तौर पर मारपीट भी हुई. उस समय किसी तरह स्थानीय लोगों और प्रशासन ने मामले को शांत करा दिया. लेकिन, शुक्रवार सुबह फिर से दोनों समुदायों के बीच पत्थरबाजी होने की सूचना मिली, जिससे हालात और तनावपूर्ण हो गए.
विवाद के बाद शांत नहीं हुआ मामला
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि अशांति आसपास के इलाकों तक फैलने लगी थी. उपद्रवियों ने पुलिस की एक गाड़ी को आग लगा दी, जिसके बाद स्थिति काबू में करने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी. इस दौरान कुछ लोगों द्वारा आपत्तिजनक नारे लगाने की भी खबर है. अब तक 18 लोगों को हिरासत में लिया गया है. बिगड़ते हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने गौर नगरपालिका के कुछ हिस्सों में कर्फ्यू लागू कर दिया.
प्रशासन ने लोगों के जुटने पर लगाई रोक
रौतहट के जिला प्रशासन कार्यालय ने शनिवार दोपहर कर्फ्यू लागू किया था, जिसे रविवार सुबह दो घंटे के लिए ढील दी गई. प्रशासन की ओर से जारी सूचना में कहा गया, ‘रविवार सुबह 8:30 बजे से कर्फ्यू फिर से लागू है.’ जिले के मुख्य जिला अधिकारी दिनेश सागर भुसाल ने स्पष्ट किया कि सभी प्रकार की सभाएं, रैलियां, बैठकें और जुलूस पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे. उन्होंने फोन पर एएनआई से कहा, ‘स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए कर्फ्यू लगाया गया है. हालात को काबू में लाने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है. अगले आदेश तक कर्फ्यू जारी रहेगा और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है.’
कर्फ्यू का दायरा 8 किमी का इलाका
कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के दर्जनों जवानों को तैनात किया गया है. प्रभावित इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है और प्रशासन ने लोगों से संयम बरतने की अपील की है. प्रशासन की सूचना के अनुसार, प्रतिबंधित क्षेत्र पूर्व में मुदबलवा गेट से लेकर पश्चिम में लालबकैया डैम तक, उत्तर में बाम नहर और दक्षिण में गौर कस्टम कार्यालय की सीमा तक फैला हुआ है. यह सीमा 8 किमी के दायरा कवर करती है.
5 मार्च को होंगे आम चुनाव
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब देश अगले सप्ताह आम चुनावों की ओर बढ़ रहा है. 5 मार्च को होने वाले आगामी आम चुनाव पिछले साल हुए घातक जेन-जी प्रदर्शनों के बाद होने जा रहे हैं. इनकी वजह से के.पी. शर्मा ओली के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार गिर गई थी. 5 मार्च को होने वाले चुनावों में मतदाता नेपाल की प्रतिनिधि सभा के लिए 275 सदस्यों का चुनाव करेंगे. पिछले साल सितंबर में पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री बनाया गया था.
ये भी पढ़ें:- रमजान में गुमनाम ने 865000000 रुपये किए दान, क्या है यूएई की पहल ‘11.5’, जिसके लिए दी इतनी बड़ी रकम
ये भी पढ़ें:- जापान ने बनाया दुनिया का पहला लकड़ी का सैटेलाइट, बिना कील-हथौड़े के हुआ तैयार
