Nepal Flood: चीन की बारिश बनी नेपाल के लिए आफत, 45 मीटर लंबा मैत्री पुल भी डैमेज

Nepal Flood : चीन से सटे नेपाल के रसुवा जिले में भोटे कोशी नदी में अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. अब तक 157 लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि 133 भारतीय सहित 500 लोग लापता हैं. नेपाल में बाढ़ के पीछे चीन में हुई भारी बारिश को जिम्मेदार माना जा रहा है. राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण तथा प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) ने बताया, बुधवार रात 11 बजे तक 144 लोगों के शव बरामद कर लिए गए थे. जबकि 209 लोगों को बचाया गया.

Nepal Flood : NDRRMA ने एक्स पर नेपाल बाढ़ से जुड़ी जानकारी देते हुए बताया, चीन के केरुंग क्षेत्र में भारी बारिश के कारण नदी का बहाव अचानक बढ़ा और रसुवा के भोटेकोशी में बाढ़ आई. बुधवार को सुबह 8:40 बजे बाढ़ की प्रारंभिक सूचना मिली. उसके बाद तेजी से राहत और बचाव कार्य चलाया गया.

चीन से नेपाल को जोड़ने वाला मैत्री पुल डैमेज

NDRRMA ने बताया, बाढ़ के कारण चीन से नेपाल को जोड़ने वाला 45 मीटर लंबा मैत्री पुल और करीब 10 किलोमीटर सड़क क्षतिग्रस्त हुई है.

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रसुवागढ़ी क्षेत्र में हिम-चट्टान खिसकने के कारण ल्हेंदे खोल में भारी बाढ़ आई

नेपाल सरकार की ओर से बताया गया, "नेपाल-चीन सीमा के रसुवागढ़ी क्षेत्र में हिम-चट्टान खिसकने के कारण ल्हेंदे खोल में भारी बाढ़ आई. तिब्बत की ओर से भोटेकोशी नदी के रास्ते आई बाढ़ रसुवागढ़ी, टिमुरे और आसपास के क्षेत्रों से होते हुए त्रिशूली नदी में पहुंची. इससे रसुवा, नुवाकोट, धादिङ, गोरखा और चितवन जिलों के नदी तटीय क्षेत्रों में गंभीर स्थिति पैदा हुई."


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35 पुल बाढ़ में बह गए, 45 डैमेज

NDRRMA ने बताया, नेपाल में आई भीषण बाढ़ के कारण 35 पुल बह गए, जबकि 45 पुल डैमेज हो गए.

209 लोगों को बचाया गया

भीषण बाढ़ से तबाह नेपाल में अब तक 209 लोगों को बचाया गया है. जिसमें नेपाली सेना के हेलीकॉप्टर से 88 और सिविल हेलीकॉप्टर से 28 लोगों को रेस्क्यू किया गया.

रसुवा: 43

नुवाकोट: 47

धादिङ: 3


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लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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