Nepal Floods : नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने बृहस्पतिवार ( 27 अगस्त ) को बाढ़ प्रभावित नुवाकोट जिले का दौरा किया. उन्होंने बाट्टर बाजार स्थित आर्मी ट्रेनिंग सेंटर पहुंचकर मौजूदा हालात का जायजा लिया और जारी खोज एवं बचाव अभियान की समीक्षा की. देशभर में तबाही मचाने वाली अचानक आई बाढ़ के बाद राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं.
नुवाकोट में तबाही का मंजर
नुवाकोट के सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में से एक में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. यहां सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, रास्ते बंद हैं और कई लोग अपने घरों से विस्थापित हो गए हैं. मिट्टी और मलबे के नीचे लोगों के दबे होने की आशंका के बीच बचाव दल लगातार अभियान चला रहे हैं.
बाढ़ में 359लोगों की मौत
नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, नेपाल-चीन सीमा के पास भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी अचानक बाढ़ में अब तक 359 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं 910 लोग अभी भी लापता हैं.
चितवन में सबसे ज्यादा शव बरामद
NDRRMA की बृहस्पतिवार दोपहर 2 बजे तक की ‘सर्च, रेस्क्यू एंड रिलीफ अपडेट’ रिपोर्ट के अनुसार, चितवन में सबसे ज्यादा 108 शव बरामद किए गए हैं. वहीं जिला आपातकालीन संचालन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, रसुवा में 161 लोग लापता या संपर्क से बाहर हैं. नुवाकोट में भी एक व्यक्ति के लापता होने की सूचना है.
517 विदेशी नागरिक भी लापता
इस भीषण आपदा में 517 विदेशी नागरिक भी लापता या संपर्क से बाहर हैं. इसके अलावा विदेश में रहने वाले और नेपाल घूमने आए 127 नेपाली नागरिकों को भी लापता या संपर्क से बाहर लोगों की सूची में शामिल किया गया है.
देवीघाट में घर, सड़क और पुल तबाह
नुवाकोट का देवीघाट इलाका सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है. यहां तेज बहाव वाले पानी ने सड़कों को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया, इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं और कई इलाकों के लोग बेघर हो गए. स्थानीय लोगों के अनुसार, इलाके में कई लोग अब भी लापता हैं.
पीड़ित बोले- खाने और रहने की परेशानी
स्थानीय निवासी जनक बहादुर नेपाली ने बताया कि बाढ़ में उनका घर पूरी तरह तबाह हो गया. उन्होंने कहा कि गांव में दो-तीन लोगों को छोड़कर बाकी लोग सुरक्षित हैं, लेकिन खाने और रहने की गंभीर समस्या बनी हुई है. उन्होंने आरोप लगाया कि फिलहाल उन्हें सरकार की ओर से कोई मदद नहीं मिली है.
‘देवीघाट सबसे ज्यादा प्रभावित’
एक अन्य स्थानीय निवासी ने बताया कि देवीघाट सबसे ज्यादा प्रभावित इलाका है और यहां से कुछ लोग अब भी लापता हैं. लोगों ने कहा कि राहत और बचाव कार्य में सबसे बड़ी बाधा सड़क और पुलों का टूटना है.
मलबे में दबे लोगों की आशंका
एक स्थानीय निवासी ने बताया कि इलाके में अब सड़कें नहीं बची हैं. बड़ी मात्रा में मिट्टी और मलबा जमा है और पुल भी बाढ़ में बह गया है. स्थानीय लोगों के मुताबिक, सुबह यहां से दो शव बरामद किए गए. उन्हें आशंका है कि मलबे के नीचे अभी कई लोग दबे हो सकते हैं.
राहत और बचाव पर सरकार का फोकस
प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह का बाट्टर बाजार स्थित आर्मी ट्रेनिंग सेंटर का दौरा ऐसे समय हुआ है, जब प्रशासन और बचाव दल तबाही का आकलन करने, लापता लोगों की तलाश करने और बाढ़ प्रभावित लोगों तक जरूरी सहायता पहुंचाने के प्रयास तेज कर रहे हैं. नुवाकोट समेत प्रभावित इलाकों में खोज और बचाव अभियान लगातार जारी है.
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