Nepal Flash Floods : अपनों की तलाश में अस्पतालों के बाहर जुटी बदहवास भीड़, एंबुलेंस के सायरन पर दौड़ रहे परिजन

Nepal Flash Floods : नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने कई परिवारों को अपनों से हमेशा के लिए दूर कर दिया है. बाढ़ में लापता लोगों की तलाश में परिजन अब चितवन के भरतपुर स्थित अस्पतालों और शव पहचान केंद्र के चक्कर लगा रहे हैं. किसी के हाथ में अपने रिश्तेदार की तस्वीर है, तो किसी की आंखों में आंसू. सभी के मन में एक ही सवाल है. क्या अगली एंबुलेंस से आने वाला शव उनके अपने का तो नहीं?

Nepal Flash Floods : भरतपुर में बनाए गए शव पहचान एवं संरक्षण केंद्र के बाहर गुरुवार सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग जुटे रहे. जैसे ही एंबुलेंस का सायरन सुनाई देता, परिजन दौड़कर उसके पास पहुंच जाते. एंबुलेंस का दरवाजा खुलते ही शव निकाला जाता और लोग तस्वीरों से चेहरा मिलाने लगते. किसी की तलाश पूरी हो जाती, तो किसी का इंतजार और लंबा हो जाता.

यमन बानू के परिवार को 14 लोग लापता

चितवन के टांडी में रहने वाली यमन बानू अपने परिवार के 14 लापता सदस्यों की तलाश में भरतपुर पहुंची हैं. उन्होंने कहा कि घर और मायके के कई लोगों को बाढ़ बहाकर ले गई. विदेश में मौजूद भाई को क्या जवाब दें, यह समझ नहीं आ रहा. गोरखा के पालुङटार से गोसाइंकुंड गए लोगों के परिजन भी अपनों की तलाश में भरतपुर पहुंचे हैं.


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एक ही गांव से 39 लोग लापता

हरि बानियां अपनी बहन की तलाश कर रहे हैं. उनके अनुसार, एक ही गांव से गोसाइंकुंड गए 39 लोग अभी भी संपर्कविहीन हैं. चंद्र लामा के भाई ने बाढ़ से पहले फोन कर बताया था कि वह सीमा क्षेत्र में पहुंच गया है. इसके बाद उसका फोन बंद हो गया. अब चंद्र शव पहचान केंद्र में अपने भाई की तलाश कर रहे हैं.


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शवगृह में शव रखने की जगह नहीं

नेपाल बाढ़ में शवों की संख्या बढ़ने के कारण भरतपुर महानगरपालिका-10 स्थित पुराने भवन में अलग शव पहचान एवं संरक्षण केंद्र बनाया गया है. यहां करीब 250 शव रखने की व्यवस्था की गयी है. भरतपुर अस्पताल और अन्य अस्पतालों के शव गृहों में केवल 50 शव रखने की क्षमता है. चितवन के प्रमुख जिला अधिकारी गणेश अर्याल के अनुसार, शवों को सुरक्षित रखने के लिए तापमान नियंत्रित व्यवस्था की गई है.

परिजनों की सुविधा के लिए अलग संपर्क कक्ष बनाने की व्यवस्था

प्रभावितों के परिजनों के लिए भोजन और रहने की व्यवस्था भी की गई है. जिला पुलिस कार्यालय चितवन के प्रमुख रामेश्वर पौडेल ने बताया कि शवों को साफ कर ड्राई आइस में रखा जाएगा. उनकी तस्वीरें लेकर बोर्ड पर प्रदर्शित करने और परिजनों की सुविधा के लिए अलग संपर्क कक्ष बनाने की व्यवस्था की गयी हैं.

अब तक चितवन में 130 से अधिक शव बरामद

शवों को लाने के लिए 25 एंबुलेंस लगातार परिचालन में हैं. नेपाल एंबुलेंस चालक संघ के अध्यक्ष नवराज लामिछाने के अनुसार, एंबुलेंस के जरिए शवों को निशुल्क अस्पताल और शव पहचान केंद्र तक पहुंचाया जा रहा है. अब तक चितवन में 130 से अधिक शव बरामद किए जा चुके हैं. भरतपुर के शव पहचान केंद्र पर हर सायरन के साथ परिजनों की उम्मीद और डर दोनों बढ़ जाते हैं. कोई अपनों के जिंदा मिलने की उम्मीद लगाए बैठा है तो कोई कम से कम आखिरी बार उनका चेहरा देखने की आस में है.


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लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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