प्रभात खबर की ग्राउंड जीरो रिपोर्ट: मलबे के चलते बनी झील से दोगुनी तबाही का खतरा, नेपाल में सड़कें बहीं, अब राशन की भी किल्लत

Nepal Flood : नेपाल में तबाही के बाद मलबे से बनी झील अब एक और बड़े खतरे का कारण बनती दिख रही है. सड़कें बह जाने से कई इलाकों का संपर्क टूट गया है, जिससे राहत और बचाव कार्य प्रभावित हो रहे हैं. हालात बिगड़ने के साथ अब प्रभावित इलाकों में राशन और जरूरी सामान की किल्लत भी बढ़ने लगी है, जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं. पढ़ें प्रभात खबर की ग्राउंड जीरो रिपोर्ट.

Nepal Flood : तिब्बत में ग्लेशियर टूटने के बाद आए जल प्रलय के तीसरे दिन शुक्रवार (28 अगस्त) को नेपाल के लोगों का पूरा दिन एक नये खतरे के साये के बीच बीता़ नेपाल के सुवागढ़ी से महज 18 किलोमीटर ऊपर छोचेन खोला और पुरेपु त्सांगपो नदी के संगम पर बुधवार को एकत्र हुए मलबे के कारण एक नयी झील बन गयी है. जिसमें शुक्रवार तक 25 लाख घन मीटर पानी इकट्ठा हो गया है. दो दिन में इसमें और करीब 20 लाख घनमीटर पानी एकत्र होने की आशंका है.

इस झील से लगातार पानी ओवरफ्लो हो रहा है़ मलबे का बैरियर टूटने की दशा में यह पूरा पानी एक साथ तेजी से नीचे आयेगा जो दोगुनी तबाही ला सकता है. इस आशंका से लोगों की सांसें अटकी हुई हैं. गुरुवार को चीन की चेतावनी के बाद नदी के आसपास का इलाका खाली कराया जा रहा है. 150 किमी हाइवे नेटवर्क के ध्वस्त होने से राजधानी काठमांडू का संपर्क शेष नेपाल और भारत-चीन से कट गया है, जिससे रोजमर्रा के राशन, रसोई गैस और सब्जियों की भारी किल्लत शुरू हो गयी है.

भीषण बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 587 हो गयी है, जबकि तिब्बत में पांच मौतों के साथ कुल आंकड़ा 592 पहुंच गया है. नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण और नेपाल पुलिस के अनुसार 1,500 से अधिक लोग अब भी लापता हैं, जिनमें 320 भारतीय पर्यटक, 537 विदेशी नागरिक और 86 नेपाली सुरक्षाकर्मी (45 सैनिक व 41 पुलिसकर्मी) शामिल हैं. सेना ऊंचाई पर फंसे लोगों तक राहत सामग्री पहुंचा रही है.

झील से पानी ओवरफ्लो होने से कुछ देर रोकना पड़ा रेस्क्यू

रसुवा के जिलाधिकारी (सीडीओ) नरेंद्र परियार ने बताया कि दोपहर 12:30 बजे तिब्बत की ओर बैरियर झील टूटने की सूचना मिली. भोटेकोशी नदी का जलस्तर बढ़ने पर सुरक्षा कारणों से सेना का रेस्क्यू और हेलिकॉप्टर ऑपरेशन 90 मिनट के लिए रोका गया, जिसे स्थिति संभलने पर दोबारा शुरू किया गया.


ये भी पढ़ें: प्रभात खबर की ग्राउंड जीरो रिपोर्ट: भारत से सप्लाई रुकते ही नेपाल में हाहाकार, अचानक 150 रुपया तक बढ़ गया इस सामान का रेट

21 भारतीय नागरिक काठमांडू से दिल्ली पहुंचे

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि तमिलनाडु के 21 नागरिकों को काठमांडू से सुरक्षित दिल्ली लाया गया, जिनकी अगवानी दिल्ली एयरपोर्ट पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने की. जयशंकर ने काठमांडू और बीजिंग स्थित भारतीय राजदूतों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर राहत कार्यों का जायजा लिया.

यूपी-बिहार तक बहकर पहुंचे शव

नेपाल की उफनती नारायणी नदी में बहकर यूपी के महराजगंज जिले में चार शव (तीन महिलाएं और एक पुरुष) मिले, जिन्हें मोर्चरी में रखवाया गया है. बिहार जल संसाधन विभाग के अनुसार गोपालगंज, खगड़िया और पटना में गंडक, कोसी व गंगा नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं.


ये भी पढ़ें: प्रभात खबर की ग्राउंड जीरो रिपोर्ट: 'मेरी मम्मी कहां है?', जाल में फंसकर बची 5 साल की मासूम, नेपाल बाढ़ में खो गया पूरा परिवार

अस्पतालों के शवगृह फुल, ड्राई आइस में रख रहे शव

चितवन के प्रमुख जिला अधिकारी (सीडीओ) गणेश अर्याल और एसपी रामेश्वर पौडेल के अनुसार भरतपुर में 250 शवों के लिए अलग संरक्षण केंद्र बनाकर ड्राई आइस का उपयोग किया जा रहा है. एंबुलेंस चालक संघ के अध्यक्ष नवराज लामिछाने ने बताया कि 25 एंबुलेंस से शवों का निशुल्क परिवहन जारी है.

भारत-चीन सीमा पर फंसे आपूर्ति के ट्रक

नारायणघाट और रसुवागढ़ी मार्ग बंद होने से मालवाहक ट्रक फंस गये हैं. काठमांडू के फल-सब्जी व्यापारी सुधीर कुमार गुप्ता के अनुसार कालीमाटी मंडी में आवक 70% घट गयी है. चीन से आने वाले अखरोट, किशमिश और काजू में ₹150 प्रति किलो और स्थानीय सब्जियों में ₹50 प्रति किलो तक उछाल आ गया है.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By अमिताभ कुमार

अमिताभ कुमार प्रभात खबर डिजिटल में Sr. Content writer हैं. पिछले 15 साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं.

अमिताभ 1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है.

प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है. 📩 संपर्क : amitabh.kumar@prabhatkhabar.in

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >