नेपाल में 26 अगस्त को विनाशकारी बाढ़ आई थी. एक हफ्ता बीत जाने के बाद भी संकट पूरी तरह टला नहीं है. बाढ़ पूर्वानुमान केंद्र ने बताया है कि बृहस्पतिवार, 4 सितंबर को रसुवा और नुवाकोट से बहने वाली भोटेकोसी और त्रिशूली जैसी नदियों का पानी बढ़ सकता है. इसके अलावा, 48 जिलों की छोटी नदियों और नालों में भी जलस्तर बढ़ने की संभावना है. इनमें ताप्लेजुंग, पांचथर, तेह्रथुम, संखुवासभा, धनकुटा, भोजपुर, सोलुखुम्बु, ओखलढुंगा, खोटांग और उदयपुर समेत कई जिले शामिल हैं.
पहाड़ी इलाकों में मध्यम जोखिम: अचानक बाढ़ की चेतावनी
दोलखा, रामेछाप, सिंधुली, सिंधुपालचोक, काभ्रेपलांचोक, ललितपुर, भक्तपुर, काठमांडू, धादिंग, मकवानपुर और चितवन में भी नदी-नालों का पानी बढ़ सकता है. इन इलाकों में अचानक बाढ़ का मध्यम जोखिम बताया गया है.
पश्चिमी नेपाल के कई जिले अलर्ट पर: जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका
गोरखा, तनहूं, लमजुंग, मनांग, मुस्तांग, म्याग्दी, कास्की, स्यांगजा और पर्वत के अलावा डोल्पा, रुकुम पूर्व, रुकुम पश्चिम, सल्यान, जाजरकोट और सुर्खेत में भी नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका है.
कर्णाली क्षेत्र में भी बढ़ सकता है पानी
दैलेख, कालिकोट, मुगु, हुम्ला, जुम्ला, अछाम, बझांग, बाजुरा, डडेलधुला, बैतड़ी, दार्चुला और कंचनपुर के आसपास बहने वाली नदियों और छोटी धाराओं में भी पानी बढ़ने का अनुमान है. बाढ़ पूर्वानुमान केंद्र ने इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की है.
बड़ी नदियों का बहाव अभी खतरे के निशान से नीचे
हालांकि सुबह के माप के अनुसार कोशी, नारायणी, बागमती, कर्णाली और महाकाली समेत उनकी सहायक नदियों तथा कन्काई, कमला, बबई, पूर्वी राप्ती और पश्चिमी राप्ती नदियों का बहाव फिलहाल खतरे के निशान से नीचे है. उदाहरण के लिए, कोशी नदी फिलहाल खतरे के निशान से नीचे बह रही है, लेकिन हाल की बाढ़ के प्रभाव के चलते इसके जलस्तर में मामूली बढ़ोतरी देखी गई है.
नदी किनारे रहने वालों को विशेष सावधानी की सलाह
बड़ी नदियों के शांत रहने के बावजूद, छोटी धाराओं में बाढ़ का खतरा बना हुआ है, जिसके कारण नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए विशेष सावधानी बरतना आवश्यक हो गया है. बाढ़ पूर्वानुमान केंद्र ने नदी और नालों के आसपास रहने वाले लोगों से लगातार सतर्क रहने और संभावित जोखिम से बचने के लिए जरूरी सावधानी बरतने को कहा है. विशेष रूप से हाल में बाढ़ से प्रभावित रसुवा और नुवाकोट जैसे इलाकों में लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत बताई गई है. यह जानकारी रसुवा, नुवाकोट, ताप्लेजुंग, पांचथर जैसे प्रभावित जिलों और उनके आसपास रहने वाले लोगों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है.
ये भी पढ़ें: Nepal Flood: नेपाल में बाढ़ से 1,243 लोगों की मौत और 4,875 लापता; PM बालेंद्र शाह ने मांगी अंतरराष्ट्रीय मदद
