स्पेसएक्स मानव मिशनः जानें- उन दो अंतरिक्ष यात्रियों के बारे में जो सुरक्षित स्पेस में दाखिल हुए

NASA spacex launch : 30 मई की तारीख अंतरिक्ष के इतिहास में में दर्ज हो गयी है. अंतरिक्ष के इतिहास में ऐसा पहली बार है, जब किसी निजी कंपनी का अंतरिक्षयान अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर मिशन पर रवाना हो गया है. अमेरिका में नौ साल बाद इस तरह के मिशन को अंजाम दिया गया है. अंतरिक्ष यात्री के रूप में नासा के एस्ट्रोनॉट बॉब बेनकेन और डग हर्ली हैं.

Spacex: 30 मई की तारीख अंतरिक्ष के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गयी है. अंतरिक्ष के इतिहास में ऐसा पहली बार है, जब किसी निजी कंपनी का अंतरिक्षयान अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर मिशन पर रवाना हो गया है. अमेरिका में नौ साल बाद इस तरह के मिशन को अंजाम दिया गया है. अंतरिक्ष यात्री के रूप में नासा के एस्ट्रोनॉट बॉब बेनकेन और डग हर्ली हैं. कोरोना वायरस के चलते पिछले तीन महीनों में एक लाख से अधिक देशवासियों को खो चुके अमेरिका के लिए यह सफल प्रक्षेपण खुशी का मौका लेकर आया है. इससे पहले पिछले हफ्ते खराब मौसम के चलते यह लॉंन्चिंग टल गया था.

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इनका चयन 2000 में हुआ था और ये दोनों ही स्पेस शटल के जरिए दो-दो बार अंतरिक्ष में जा चुके हैं. 21 जुलाई, 2011 के बाद पहली बार अमेरिकी धरती से कोई मानव मिशन अंतरीक्ष में भेजा गया है. यह लॉन्चिंग उसी लॉन्‍च पैड से हुई जिससे 50 साल पहले अपोलो अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर भेजा गया था. इसके साथ ही इस मिशन को हासिल करने वाले रूस और चीन के बाद अमेरिका दुनिया का तीसरा देश बन गया है.


कॉमर्शियल स्पेस फ्लाइट की दिशा में नए युग की शुरुआत

निजी कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) का स्पेसक्राफ्ट (क्रू ड्रैगन)अमेरिका के जॉन एफ केनेडी स्पेस सेंटर से नासा के दो अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर इंटरनेशनल स्पेस सेंटर के लिए रवाना हो गया है.स्पेसक्राफ्ट की लांचिंग अमेरिका के समयानुसार शनिवार दिन में 3 बजकर 22 मिनट पर यानी भारतीय समयानुसार शनिवार आधी रात के बाद 12 बजकर 52 मिनट पर हुई. इसके अंदर दो अंतरिक्ष यात्रियों की इंटरनेशनल स्पेस सेंटर (आईएसएस) तक पहुंचने की यात्रा 19 घंटे की है. इस मिशन ने कॉमर्शियल स्पेस फ्लाइट की दिशा में नए युग की शुरुआत कर दी है. यह मिशन अंतरिक्ष की व्यावसायिक यात्राओं की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा.इस मिशन को ‘क्रू डेमो-2’ और रॉकेट को ‘क्री ड्रैगन’ नाम दिया है

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9 साल का इंतजार

इस मिशन की खास बात यह भी है कि नौ साल बाद अमेरिका की धरती से अंतरिक्षयात्रियों को स्पेस में भेजा गया है. इस मिशन को लॉन्च अमेरिका नाम दिया गया. नासा के दो अंतरिक्षयात्रियों डग हर्ली और बॉब बेनकेन ने इसके लिए लंबा इंतजार किया. दोनों अमेरिकी सेना में सेवा देने के बाद 2000 में नासा के लिए चुने गए. उस वक्त 17 लोगों में से मात्र इन्हीं दोनों का चयन किया गया था. ये दोनों ही स्पेस शटल के जरिए दो-दो बार अंतरिक्ष में जा चुके हैं. ये नासा के एस्ट्रोनॉट कॉर्प्स के सबसे अधिक अनुभवी लोग हैं. ये एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स के द क्रू ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट से आईएसएस के लिए रवाना हुए हैं. तो आइए हम बताते हैं उन दोनों के बारे में

डग हर्लीः 53 साल के डग हर्ली मिशन ‘क्रू डेमो-2’ के स्पेसक्राफ्ट कमांडर हैं. ये नासा में आने से पहले अमेरिकी नौसेना में फाइटर पायलट थे. नासा की वेबसाइट के मुताबिक, इन्होंने 2009 और 2011 में स्पेस शटल के जरिए अंतरीक्ष की यात्रा की है. वह न्यूयॉर्क के पास अपलाचीन के रहने वाले हैं. डग हर्ली सिविल इंजीनियर में बैचलर ऑफ साइंस हैं और अमेरिकी नौसेना पायलट में स्नातक हैं. खाली समय में डग हर्ली के परिवार के साथ रहना पसंद है. इन्होंने नासा में ही कार्यरत कारेन नेबर्ग से शादी की है. इनका एक बेटा है जो अभी काफी छोटा है.

बॉब बेनकेनः अमेरिकी एयरफोर्स के पूर्व पायलट बॉब बेनकेन की उम्र 49 साल है. ये जुलाई 2000 में नासा के लिए चुए गए थे. स्पेसएक्स के इस मिशन में वो मुख्य भूमिका निभा रहे हैं. इस मिशन से पहले बॉब बेनकेन 2008 और 2010 में स्पेस शटल के जरिए अंतरीक्ष की यात्रा की है. नासा के साइट पर दी गयी बायोग्राफी के मुताबिक, बेनकेन अमेरिका के मिसुरी के रहने वाले हैं. इन्होंने कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से मैकेनिकल इंजीनियर की पढ़ाई की है. नासा में शामिल होने पहले से वो अमेरिकी एयरफोर्स में फ्लाइट टेस्ट इंजीनियर थे. बॉब बेनकेन ने नासा की एस्ट्रोनॉट के मेगन से शादी की है. इनका बेटा लॉंचिंग के वक्त मौजूद था.

डोनाल्ड ट्रंप ने दी बधाई

इस मिशन का गवाह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मेलानिया ट्रंप भी बने. ट्रंप ने नासा, एलन मस्क और अंतरिक्ष यात्रियों को बधाई देते हुए कहा कि अमेरिका के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है. मुझे अमेरिका के लोगों पर गर्व है. यह अविश्वसनीय है, जब आप इसकी आवाज सुनते हैं तो यह दहाड़ने जैसी लगती है. आप अंदाजा लगा सकते हैं कि यह कितना खतरनाक काम है. इससे देश को प्रेरणा मिलेगी. हमारा देश अच्छा कर रहा है.

ऐसा हुआ पहली बार

21 जुलाई 2011 के बाद पहली बार अमेरिकी धरती से कोई मानव मिशन अंतरिक्ष में भेजा गया है. स्पेसक्राफ्ट की लॉन्चिग अमेरिका के सबसे भरोसेमंद रॉकेट फॉल्कन-9 से की गई. स्पेसएक्स अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क की कंपनी है. यह नासा के साथ मिलकर भविष्य के लिए कई अंतरिक्ष मिशन पर काम कर रही है. स्पेसएक्स अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजने वाली पहली निजी कंपनी है. यह कुछ ऐसा है जिसे सिर्फ रूस, अमेरिकी और चीन ही अब तक कर पाए हैं.

Posted by: Utpal kant

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