Narendra Modi in Russia : पीएम मोदी ने रूस में कहा-मैं हिंदुस्तान की मिट्टी की महक साथ लाया हूं

Narendra Modi in Russia : पीएम मोदी ने प्रवासी भारतीय से कहा कि देश के 140 करोड़ देशवासियों ने अपनी मेहनत से देश को बदला है और भारत विकास के नए प्रतिमान गढ़ रहा है.

Narendra Modi in Russia : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मास्को में भारतीय प्रवासियों से बात करते हुए कहा कि आज भारत बदल रहा है और विकास के नये प्रतिमान गढ़ रहा है. उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत में कहा कि मैं अकेला यहां नहीं आया हूं बल्कि हिंदुस्तान की मिट्टी की महक साथ लाया हूं. पीएम मोदी ने कहा कि देश में विकास के जो काम हुए है, जैसे 40 हजार किलोमीटर तक रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन हुआ है, उसके लिए पूरा देेश मेहनत कर रहा है.

देशवासियों की मेहनत का परिणाम दिख रहा है, तभी विश्व यह कह रहा है कि वाकई भारत बदल रहा है. उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीय अपनी मातृभूमि की उपलब्धियों पर गर्व से सीना ऊंचा करते हैं. आप विदेशी दोस्तों के सामने देश की उपलब्धियों की लिस्ट रख देते हैं और वे सुनते रह जाते हैं. उन्होंने प्रवासी भारतीय से कहा कि देश के 140 करोड़ देशवासियों ने यह करके दिखाया है. उनकी मेहनत की वजह से आज भारत सबसे आगे निकलने की तैयारी में जुटा है और कह रहा है. देशवासियों ने भारत को सबसे मजबूत इकोनाॅमी बना दिया है.

पीएम मोदी ने कहा मैं हिंदुस्तान की मिट्टी की महक लाया हूं

अपने संबोधन की शुरुआत में पीएम मोदी ने कहा कि मैं अकेला नहीं आया हूं, मैं अपने साथ बहुत कुछ लेकर आया हूं. मैं आपके लिए अपने साथ हिंदुस्तान की मिट्टी की महक लेकर आया हूं. मैं अपने साथ 140 करोड़ देशवासियों का प्यार लेकर आया हूं. आज नौ जुलाई है, मुझे प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लिए हुए आज पूरा एक महीना हो गया है. उसी दिन मैंने एक संकल्प लिया था कि अपने तीसरे टर्म में मैं तीन गुनी ताकत से काम करूंगा, ताकि देश का तिगुना विकास हो.

रूस और भारत की दोस्ती भरोसे पर टिकी

प्रवासी भारतीयों से बात करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत-रूस की दोस्ती के लिए मैं विशेष रूप से अपने मित्र राष्ट्रपति पुतिन की सराहना करूंगा. उन्होंने अपने प्रयासों से इस दोस्ती को और मजबूत किया है. उन्होंने दो दशक से ज्यादा समय तक इस पार्टनरशिप को और मजबूत करने में अहम योगदान दिया. मैं पिछले 10 सालों में छठी बार रूस आया हूं और इस मौके पर हम एक दूसरे से 17 बार मिल चुके हैं. रूस का नाम सुनते ही हर भारतीय के मन में पहला शब्द आता है-भारत के सुख-दुख का साथी और भारत का भरोसेमंद दोस्त. रूस में सर्दी के मौसम में तापमान चाहे कितना भी माइनस में चला जाए, लेकिन दोनों देशों की दोस्ती हमेशा प्लस में ही रहती है. हमारा रिश्ता परस्पर मित्रता और भरोसे पर बना है.

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भारत बदल रहा है इसका भरोसा विश्व को हो चुका है

पीएम मोदी ने कहा कि चुनाव के दौरान मैं कहता था कि बीते 10 सालों में भारत ने जो विकास किया है, वो तो सिर्फ एक ट्रेलर है, आने वाले दस सालों में भारत और भी तेजी से विकास के नए अध्याय लिखेगा. आज जानिए कि वैश्विक इकोनाॅमी के ग्रोथ में भारत की हिस्सेदारी अभी 15 प्रतिशत है, जो आने वाले समय में और बढ़ेगी. भारत ने हर क्षेत्र में चुनौतियों का सामना किया है चाहे बात वैश्विक गरीबी की हो या फिर क्लाइमेट चेंज की. आज 140 करोड़ भारतीय हर क्षेत्र में सबसे आगे निकलने की तैयारी में जुटा है. आप सबने यह देखा है कि किस तरह भारत कोविड संकट के दौर से निकला और अपनी अर्थव्यवस्था को दुनिया की सबसे मजबूत इकोनॉमी में से एक बना दिया. आज भारत में पिछले दस सालों में जितने एयरपोर्ट थे उसके दोगुने हो चुके हैं. 40 हजार किलोमीटर तक रेलने लाइन का इलेक्ट्रिकफिकेशन कर दिया गया है, जिसकी वजह से विश्व को यह भरोसा हो गया है कि भारत बदल रहा है.

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By Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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