US मिलिट्री बेस पर मंडराए रहस्यमयी ड्रोन, विदेश और रक्षा मंत्री के घर के ऊपर दिखे

US Military Base: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन में एक बड़ी सुरक्षा चूक सामने आई है. वॉशिंगटन स्थित सैन्य ठिकाने 'फोर्ट मैकनेयर' के ऊपर गुरुवार को कई रहस्यमयी ड्रोन उड़ते देखे गए. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसी सैन्य बेस में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रक्षा मंत्री (Secretary of War) पीट हेगसेथ के सरकारी आवास हैं. इन ड्रोन्स के सोर्स का अभी तक पता नहीं चल पाया है.

US Military Base: ‘वॉशिंगटन पोस्ट’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इन ड्रोन्स के दिखने के बाद अमेरिकी अधिकारी काफी चौकन्ने हो गए हैं. सुरक्षा को देखते हुए मार्को रुबियो और पीट हेगसेथ को किसी दूसरी सुरक्षित जगह शिफ्ट करने पर विचार किया गया. हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि उन्हें वहां से हटाया गया है या नहीं, क्योंकि पेंटागन और विदेश विभाग ने इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है. पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए रक्षा मंत्री की लोकेशन बताने से इनकार कर दिया.

व्हाइट हाउस में हाई-लेवल मीटिंग

ड्रोन दिखने की घटना के बाद व्हाइट हाउस में बड़े अधिकारियों की एक इमरजेंसी मीटिंग हुई. ईरान की ओर से संभावित जवाबी कार्रवाई के खतरे को देखते हुए अमेरिकी सेना को ‘हाई अलर्ट’ पर रखा गया है. यह अलर्ट ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी और खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब की हत्या के बाद पैदा हुए तनाव के कारण जारी किया गया है.

FPCON ‘चार्ली’ लेवल की सुरक्षा लागू

सुरक्षा के लिहाज से कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर प्रोटेक्शन लेवल बढ़ाकर ‘FPCON चार्ली’ कर दिया गया है. यह लेवल तब लागू किया जाता है जब आतंकी हमले का खतरा काफी बढ़ जाता है. इसके अलावा दुनिया भर में मौजूद अमेरिकी दूतावासों के लिए भी ग्लोबल सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया गया है. अमेरिकी सेना अब हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रख रही है.

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10 दिनों में कई बार दिखे ड्रोन

अधिकारियों ने ‘वॉशिंगटन पोस्ट’ को बताया कि पिछले 10 दिनों के अंदर एक ही रात में कई ड्रोन देखे गए. फोर्ट मैकनेयर के अलावा मैकडिल एयर फोर्स बेस पर भी इस हफ्ते दो बार लॉकडाउन जैसी स्थिति बनी. वहां एक संदिग्ध पैकेट और अन्य खतरों की वजह से गतिविधियों को रोकना पड़ा. अधिकारियों का कहना है कि ईरान के साथ जारी तनाव के कारण स्थिति काफी संवेदनशील है.

पुराने खतरों ने बढ़ाई चिंता

इन रहस्यमयी ड्रोन्स ने साल 2020 में कासिम सुलेमानी की मौत के बाद ईरान की ओर से मिली धमकियों की याद ताजा कर दी है. हालांकि, अभी तक इन ड्रोन्स का ईरान से कोई सीधा कनेक्शन साबित नहीं हुआ है, लेकिन जिस तरह से अमेरिका और इजरायल की ईरान के साथ तनातनी चल रही है, उसे देखते हुए एजेंसियां इसे बहुत गंभीरता से ले रही हैं.

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लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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