Mojtaba Khamenei: मोजतबा खामेनेई अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद सत्ता संभालने वाले मोजतबा खामेनेई अब तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं. तेहरान की ओर से उनके स्वास्थ्य को लेकर कोई ठोस जानकारी नहीं दी गई है, जिसके चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके जीवित होने को लेकर भी अटकलें तेज हो गई हैं.
सर्जरी का किया गया है दावा
कुवैत के अखबार ‘अल-जारिदा’ की रिपोर्ट के अनुसार, मोजतबा खामेनेई को ‘ऑपरेशन एपिक फ्युरी’ (Operation Epic Fury) के दौरान गंभीर चोटें आई थीं. रिपोर्ट में एक अज्ञात सूत्र के हवाले से कहा गया है कि गुरुवार की रात को राष्ट्रपति पुतिन ने खुद मोजतबा के इलाज का प्रस्ताव रखा, जिसके बाद उन्हें गुपचुप तरीके से ईरान से बाहर निकाल कर रूस पहुंचाया गया. हालांकि, इस दावे की न तो रूस और न ही ईरान ने कोई आधिकारिक पुष्टि की है और न ही इस घटना का कोई वीडियो या फोटो सबूत मौजूद है.
कोमा और अंगों के कटने की खबरें
इससे पहले ‘द सन’ की रिपोर्ट में भी मोजतबा की स्थिति को लेकर डरावने दावे किए गए थे. रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया था कि ड्रोन हमले में उनके पैर कट गए हैं और पेट व लिवर में गंभीर चोटें आई हैं. इतना ही नहीं, यह भी दावा किया गया कि वे कोमा में हैं. हालांकि, इन दावों की भी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है. तेहरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा था कि सुप्रीम लीडर पूरी तरह स्वस्थ हैं और स्थिति को संभाल रहे हैं, लेकिन उन्होंने भी कोई सबूत पेश नहीं किया.
डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी लीडरशिप का स्टैंड
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मोजतबा के जीवित होने पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं. ट्रंप ने कहा है कि मझे नहीं पता कि वह जीवित भी हैं या नहीं. अब तक कोई भी उन्हें दिखा नहीं सका है. वहीं, अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने भी उन्हें ‘घायल और संभवतः विरूपित’ (disfigured) बताया है.
हाल ही में मोजतबा के नाम से युद्ध पर एक बयान जारी किया गया था, जिसे एक न्यूज एंकर ने पढ़ा था. इस दौरान कोई वीडियो फुटेज जारी नहीं की गई, जिसने इन अफवाहों को और हवा दे दी है.
ट्रंप का दावा- ईरान की ड्रोन निर्माण क्षमता को तबाह कर दिया
राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी दावा किया है कि अमेरिकी हमलों ने ईरान की ड्रोन निर्माण क्षमता को तबाह कर दिया है और अब उनके पास केवल 20% इन्वेंट्री बची है. ट्रंप के अनुसार, ईरान की वायु सेना और रक्षा प्रणालियों को काफी हद तक नुकसान पहुंचा है और अगर आज युद्ध रुक जाए, तो ईरान को फिर से खड़ा होने में 10 साल से ज्यादा का समय लगेगा. उन्होंने खाड़ी में अमेरिकी ठिकानों पर हुए हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि ईरान का लीडरशिप ‘दो-चार बार’ निशाना बन चुका है.
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ईरान का पलटवार
दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ट्रंप के दावों को सिरे से नकार दिया है. उन्होंने सीबीएस न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि ईरान ने कभी युद्धविराम या बातचीत की पेशकश नहीं की है. अराघची ने जोर देकर कहा कि जब तक अमेरिका ‘अवैध युद्ध’ बंद नहीं करता, ईरान अपनी रक्षा करना जारी रखेगा. जहां एक तरफ ट्रंप ने हाेर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और तेल निर्यात केंद्रों पर और कार्रवाई करने की चेतावनी दी है, वहीं ईरान इन तमाम दावों को खारिज करते हुए खुद को युद्ध के लिए तैयार बता रहा है.
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