क्या 100% टैरिफ का निकलेगा हल? दिसंबर में डोनाल्ड ट्रंप से मिल सकते हैं PM मोदी

रूसी तेल खरीद को लेकर अमेरिकी संसद में 100% टैरिफ वाला बिल पास होने के बाद भारत और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ गया है. इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिसंबर में फ्लोरिडा जा सकते हैं, जहां G20 समिट के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप संग उनकी द्विपक्षीय बातचीत से इस समस्या का हल निकलने की उम्मीद है.

US G20 Summit 2026 : एक तरफ अमेरिकी संसद में भारतीय उत्पादों पर 100 फीसदी तक का भारी-भरकम टैरिफ थोपने वाला बिल पास हो चुका है, तो दूसरी तरफ प्लानिंग है कि आने वाले महीनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से हो सकती है.

वॉशिंगटन और नई दिल्ली के बीच व्यापारिक तलवारें खिंचने के बाद दुनिया की निगाहें अब फ्लोरिडा पर टिक गई हैं. राजनयिक सूत्रों के मुताबिक, दिसंबर के दूसरे पखवाड़े में मियामी की धरती पर होने वाली यह संभावित मुलाकात सिर्फ एक बैठक नहीं, बल्कि भारत-अमेरिका रिश्तों की अगली दिशा तय करने वाला सबसे बड़ा कूटनीतिक इम्तिहान साबित हो सकती है.

फ्लोरिडा में जी20 सम्मेलन, ट्रंप संग सीधी बातचीत की तैयारी

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिसंबर में जी20 लीडर्स समिट में भाग लेने के लिए अमेरिका की यात्रा पर जा सकते हैं. इस बार जी20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी अमेरिका कर रहा है. यह ऐतिहासिक सम्मेलन 14 और 15 दिसंबर को फ्लोरिडा स्थित 'ट्रंप नेशनल डोरल मियामी' रिसॉर्ट में आयोजित किया जाएगा.

अगर पीएम मोदी फ्लोरिडा जाते हैं, तो जी20 सम्मेलन से इतर उनकी और राष्ट्रपति ट्रंप की अलग से द्विपक्षीय बैठक होना लगभग तय माना जा रहा है. हालांकि भारतीय विदेश मंत्रालय या सरकार की ओर से अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, क्योंकि प्रोटोकॉल के तहत ऐसे विदेशी दौरों की औपचारिक जानकारी तारीख नजदीक आने पर ही दी जाती है.

100% टैरिफ बिल के बाद गरमाई सियासत

यह संभावित बैठक ऐसे नाजुक वक्त में हो रही है जब दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में तनाव देखा जा रहा है. भारत द्वारा रियायती दरों पर रूसी कच्चा तेल खरीदने के फैसले से नाराज होकर अमेरिका ने हाल ही में 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का रास्ता साफ करने वाला बिल पारित कर दिया है. इस टैरिफ के लागू होने से भारतीय निर्यातकों के लिए अमेरिकी बाजार में भारी मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं.

भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने एक हालिया बयान में संकेत दिया था कि शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप की प्राथमिक बैठकों में पीएम मोदी सबसे शीर्ष नेताओं में शामिल होंगे. उन्होंने यह भी इशारा किया कि भारतीय प्रधानमंत्री का यह दौरा सिर्फ बहुपक्षीय जी20 मीटिंग तक सीमित न रहकर उससे कहीं आगे का हो सकता है.

एवियन से मियामी तक: अंतरिम ट्रेड डील और रक्षा सहयोग का एजेंडा

पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की इससे पहले जून में फ्रांस में हुए जी7 सम्मेलन में मुलाकात हुई थी. तब दोनों नेताओं ने व्यापार, रक्षा, साफ ऊर्जा और सेमिकंडक्टर बनाने जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की थी. इसके साथ ही दोनों देशों के बीच एक कारोबारी समझौते को लेकर भी बात आगे बढ़ी थी.

मौजूदा समय में भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार करीब 240 अरब डॉलर का है, जिसे दोनों पक्षों ने आने वाले वर्षों में 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है. टैरिफ की तल्खी के बावजूद दोनों देशों के बीच सप्लाई चेन को मजबूत करने, डिफेंस कोऑपरेशन और हाई-टेक टेक्नोलॉजी साझा करने पर लगातार तकनीकी स्तर पर काम चल रहा है.

जी20 के मंच पर क्वॉड (Quad) शिखर सम्मेलन की भी तैयारी

फ्लोरिडा में जी20 के दौरान ही क्वॉड (Quad) देशों के राष्ट्राध्यक्षों की अलग बैठक आयोजित करने की तैयारियां भी तेजी से चल रही हैं. इसमें भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष नेता एक मंच पर जुटेंगे. इस बैठक का मुख्य एजेंडा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), महत्वपूर्ण खनिजों की सुरक्षित आपूर्ति, उभरती तकनीक और आपदा प्रबंधन में आपसी तालमेल को मजबूत करना होगा.

अमेरिका के बाद पीएम मोदी कनाडा का रुख करेंगे

रिपोर्ट के अनुसार यह भी जानकारी सामने आई है कि फ्लोरिडा यात्रा के बाद पीएम मोदी सीधे कनाडा की द्विपक्षीय यात्रा पर भी जा सकते हैं. कनाडाई व्यापार मंत्री के हवाले से आई खबरों के मुताबिक, दिसंबर के आसपास पीएम मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच अहम बैठक की संभावना जताई गई है. दोनों देश वर्तमान में व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) को अंतिम रूप देने के लिए बातचीत के दौर से गुजर रहे हैं.

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By आलोक पाठक

आलोक पाठक वर्ष 2019 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अपने पत्रकारिता सफर के दौरान वे खबर मंत्र, गांडीव और नक्षत्र न्यूज़ जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं। वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। हिंदी भाषा और लेखन के प्रति उनका विशेष लगाव है। उन्हें भू-राजनीति (Geopolitics) और राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े विषयों पर लिखना पसंद है। निजी जीवन में कहानियां और कविताएं लिखना तथा कालजयी साहित्य का अध्ययन उनकी प्रमुख रुचियों में शामिल है। उनका प्रयास तथ्यों पर आधारित, सरल और प्रभावी लेखन के माध्यम से पाठकों तक सार्थक जानकारी पहुंचाना है।

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