मालदीव में जारी राजनीतिक संकट के बीच शीर्ष वकील हुसैन शमीम को बेरहमी से मारा गया चाकू

मालदीव में शीर्ष वकील हुसैन शमीम पर हमला किया गया है. उनको बेरहमी से चाकू मारा गया है. जानें मामले का अपडेट

मालदीव और भारत के बीच तनाव जारी है. इस बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है. अंग्रेजी वेबसाइट इंडिया टुडे के अनुसार, मालदीव में राजनीतिक संकट के बीच शीर्ष वकील हुसैन शमीम पर हमला किया गया है. उनको बेरहमी से चाकू मारा गया है. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मालदीव के अभियोजक जनरल हुसैन शमीम को अज्ञात बदमाशों ने बेरहमी से चाकू मारा है. शमीम की नियुक्ति मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) ने की थी, जो पिछले साल नवंबर तक सरकार में थी और वर्तमान में विपक्षी पार्टी है.

शमीम पर हमला तब किया गया है जब मालदीव के कई सांसदों को सड़क पर गिरोहों ने निशाना बनाने का काम किया. इस बीच, एमडीपी ने कहा कि उसने राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू और उनकी सरकार के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही शुरू करने के लिए अविश्वास प्रस्ताव शुरू करने के लिए जरूरी पर्याप्त हस्ताक्षर एकत्र कर लिए हैं. चीन समर्थक राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव जल्द ही संसद में पेश किये जाने की संभावना है.

Also Read: चीन से दोस्ती करके बुरे फंसे मालदीव के राष्ट्रपति? चौतरफा घिरे मोहम्मद मुइज्जू, खतरे में कुर्सी

पीएम मोदी से माफी मांगने की मांग

इधर, विपक्षी पार्टी जम्हूरी के नेता जसीम इब्राहिम ने राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू से भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से औपचारिक रूप से माफी मांगने और द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने के लिए राजनयिक सुलह करने का अनुरोध मंगलवार को किया है. इब्राहिम की यह मांग चीन समर्थक माने जाने वाले मुइज्जू की उन टिप्पणियों के संदर्भ में की गयी है, जिसमें इस महीने की शुरुआत में उन्होंने किसी देश का नाम लिये बगैर भारत को धमकाने वाला देश बताया था.

Also Read: ‘PM Modi और भारत से माफी मांगें मुइज्जू’, जम्हूरी पार्टी के नेता की नसीहत, विपक्ष कर रहा
महाभियोग की तैयारी

मुइज्जू के तीन मंत्रियों की बहाली के खिलाफ विपक्ष खटखटाएगा कोर्ट का दरवाजा

राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के कैबिनेट के तीन सदस्यों को संसद में मतदान के दौरान मंजूरी नहीं मिलने के बावजूद पुन: नियुक्त किये जाने के एक दिन बाद मुख्य विपक्षी पार्टी एमडीपी ने कहा है कि वह उनके कदम के कानूनी पक्ष पर विचार कर रही है. एमडीपी के नेतृत्व में मालदीव की संसद ने सोमवार को आवास मंत्री अली हैदर अहमद, इस्लामिक मंत्री मोहम्मद शहीम अली सईद और अटॉर्नी जनरल अहमद उशाम को कैबिनेट में शामिल किये जाने की मंजूरी नहीं दी थी. वहीं, आर्थिक मामलों के मंत्री मोहम्मद सईद इस मतदान में विपक्ष द्वारा नामंजूर किये जाने से बच गये थे. हालांकि, मुइज्जू ने शाम तक इन सभी को बहाल कर दिया.

भाषा इनपुट के साथ

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Amitabh kumar

अमिताभ कुमार प्रभात खबर डिजिटल में Sr. Content writer हैं. पिछले 15 साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं.

अमिताभ 1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है.

प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है. 📩 संपर्क : amitabh.kumar@prabhatkhabar.in

ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >