कुवैत में फिर बरसीं मिसाइलें, बहरीन में बजा सायरन; ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर किया हमला!

Iran Attack Middle East News: खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच कुवैत ने कई मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही मार गिराने का दावा किया है. वहीं बहरीन में भी सायरन बजाए गए. इन दोनों घटनाओं पर ईरान ने कहा कि उसने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. हालांकि, अमेरिकी सेंटकॉम ने इन दावों को खारिज कर दिया है.

Iran Attack Middle East News: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच बुधवार तड़के कुवैत में कई इलाकों से जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं. कुवैती सेना ने बताया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली सक्रिय रूप से शत्रुतापूर्ण मिसाइलों और ड्रोन को रोकने के अभियान में जुटी हुई है. घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब क्षेत्र में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है. कुवैती सेना ने स्पष्ट किया कि ये विस्फोट किसी सीधे हमले के नहीं, बल्कि एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा हवाई खतरों को रोकने की कार्रवाई का परिणाम थे.

पहले सुनाई दिए धमाके, फिर सेना ने जारी किया आधिकारिक बयान

घटना के बाद कुवैती सेना के जनरल स्टाफ ने एक आधिकारिक बयान जारी किया. उन्होंने बताया कि देश की वायु रक्षा इकाइयां उस समय सक्रिय थीं और आने वाले मिसाइल तथा ड्रोन खतरों को निष्क्रिय करने का काम कर रही थीं. सेना के अनुसार, यदि लोगों ने धमाकों की आवाजें सुनी हैं तो वे एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा किए गए इंटरसेप्शन ऑपरेशन की वजह से थीं. सेना ने कहा कि देश की सुरक्षा व्यवस्था फिलहाल शत्रुतापूर्ण मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना कर रही है और इन खतरों को हवा में ही नष्ट करने की कार्रवाई जारी है.

सोशल मीडिया पर इस घटना का दावा करते हुए एक वीडियो वायरल हो रहा है. देखें-

लोगों को मलबे और संदिग्ध वस्तुओं से दूर रहने की चेतावनी

हवाई खतरों को रोकने की कार्रवाई के बाद सैन्य अधिकारियों ने नागरिकों के लिए तत्काल सुरक्षा सलाह जारी की. लोगों से कहा गया कि जमीन पर गिरे किसी भी मलबे, धातु के टुकड़े, शरापनेल या अज्ञात वस्तु को न छुएं और न ही उसके पास जाएं, क्योंकि वे गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं.

कुवैत के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल सऊद अब्दुलअजीज़ अल-ओतैबी ने नागरिकों और देश में रह रहे विदेशी निवासियों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की. उन्होंने कहा कि यदि किसी को कहीं संदिग्ध मलबा या असामान्य वस्तु दिखाई दे तो वह तुरंत आपातकालीन हेल्पलाइन पर सूचना दें.

कर्नल अल-ओतैबी ने लोगों से अफवाहों और अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करने की भी अपील की. उन्होंने कहा कि सभी जानकारी केवल सरकारी और आधिकारिक माध्यमों से ही प्राप्त की जाए तथा प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन किया जाए. कुवैती सेना के शीर्ष नेतृत्व ने भी नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सभी लोग जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें ताकि पूरे देश में सुरक्षा और जन-सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

ईरानी सरकारी मीडिया का दावा; अमेरिकी ठिकानों को बनाया गया निशाना

कुवैत की सुरक्षा एजेंसियां हालात को नियंत्रित करने में जुटी थीं, तब क्षेत्रीय मीडिया में हमलों के कारणों को लेकर अलग-अलग दावे सामने आने लगे. ईरान के सरकारी न्यूज एजेंसी आईआरआईबी ने दावा किया कि इन हवाई हमलों का मेन टारगेट कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य बेस था. एजेंसी ने इसे हाल के पश्चिमी कदमों के जवाब के रूप में पेश किया. आईआरआईबी के मुताबिक, फारस की खाड़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य और केश्म आईलैंड क्षेत्र में अमेरिका की कथित गतिविधियों के बाद कुवैत स्थित अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया गया.

अमेरिका बोला- सारे हमले किए नाकाम

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कुवैत पर हुए इस हमले पर जवाब दिया. उसने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, ‘ईरान की ओर से कुवैत में अमेरिकी बलों पर हमला करने के लिए भेजे गए ड्रोन के एक और समूह का हमला आज रात अपने सेट टारगेट को नहीं भेद सका. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) की वायु रक्षा प्रणालियों ने कई ड्रोन को सफलतापूर्वक मार गिराया और यह सुनिश्चित किया कि किसी भी अमेरिकी सैन्यकर्मी या सैन्य संसाधन को कोई नुकसान न पहुंचे.’

बहरीन में भी बजा वार्निंग सायरन

तनाव के बीच बहरीन के गृह मंत्रालय ने भी चेतावनी सायरन सक्रिय किए. मंत्रालय ने नागरिकों और निवासियों से शांत रहने तथा नजदीकी सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की. साथ ही लोगों से कहा गया कि वे केवल आधिकारिक सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और अफवाहों से दूर रहें. दूसरी ओर, आईआरआईबी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कुछ वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि बहरीन के आसमान से मिसाइलें गुजरती हुई दिखाई दीं.

ईरान ने जवाबी कार्रवाई का किया दावा

आईआरआईबी के अनुसार, ईरानी सशस्त्र बलों ने कहा कि उन्होंने अमेरिकी पांचवें बेड़े (यूएस फिफ्थ फ्लीट) और क्षेत्र में मौजूद एक अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाया है. ईरान का दावा है कि यह कार्रवाई एक दूरसंचार एंटीना और ईरानी तेल टैंकर पर कथित अमेरिकी हमले के जवाब में की गई.

ईरानी सेना ने कहा कि उसने पहले ही चेतावनी दी थी कि यदि उसके खिलाफ कोई आक्रामक कदम उठाया गया तो जवाब पहले से अधिक कठोर और अलग होगा. सेना का कहना है कि उसने उसी चेतावनी के अनुरूप कार्रवाई की है.

अमेरिका ने दावों को बताया गलत

ईरान के दावों के तुरंत बाद अमेरिका इन दावों से इनकार किया. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने स्पष्टीकरण जारी किया. सेंटकॉम ने क्षेत्र में अपने ठिकानों पर हमले से जुड़े ईरानी दावों को खारिज करते हुए उन्हें गलत बताया.

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच फिर बढ़ा खाड़ी संकट

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब पूरे क्षेत्र में सुरक्षा हालात लगातार बिगड़ते नजर आ रहे हैं. पीस डील पर अमेरिका और ईरान सहमत नहीं हो पाए हैं. अब कुवैत में मिसाइल और ड्रोन इंटरसेप्शन, बहरीन में सायरन और ईरान-अमेरिका के परस्पर विरोधी दावों ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है.

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अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने पहले ही खाड़ी क्षेत्र की स्थिरता को प्रभावित किया हुआ है. ताजा घटनाओं ने इस चिंता को और गहरा कर दिया है कि क्षेत्रीय टकराव अब और व्यापक रूप ले सकता है.

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By Anant narayan shukla

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अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

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