जापान के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में आए 7.1 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई है. पीटीआई न्यूज एजेंसी के मुताबिक, कुमामोतो प्रांत में अब तक 18 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 62 लोग घायल हुए हैं. इनमें 6 लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है. अधिकारियों का कहना है कि बचाव अभियान जारी है और मृतकों की संख्या बढ़ सकती है.
मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी
भूकंप के बाद सेना और आपातकालीन बचाव दल लगातार मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं. कई मकान पूरी तरह ढह गए हैं, जबकि एक बड़ा शॉपिंग मॉल भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है. प्रशासन के मुताबिक अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कितने लोग लापता हैं.
भूकंप के कारण करीब 34,900 घरों की बिजली गुल है और लगभग 15,000 घरों में पानी की आपूर्ति बंद है। 8,800 से ज्यादा लोगों को अपने घर छोड़कर 400 से अधिक राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है। प्रशासन लगातार राहत सामग्री पहुंचाने में जुटा है.
मॉल और फैक्ट्री हादसे ने बढ़ाया नुकसान
काशिमा शहर के एयॉन मॉल में चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और तीन लोग अब भी लापता हैं. वहीं यत्सुशिरो स्थित निप्पॉन पेपर इंडस्ट्रीज की फैक्ट्री की चिमनी गिरने से पांच कर्मचारियों की मौत हो गई. सात लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जबकि चार अन्य के अब भी अंदर फंसे होने की आशंका है.
पीएम ताकाइची ने बचाव तेज करने के दिए निर्देश
जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने कहा कि कई लोग अब भी मलबे में फंसे हैं और हर मिनट बेहद अहम है. उन्होंने राहत एजेंसियों को बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं. सरकार प्रभावित इलाकों में भोजन, पानी और जरूरी सामान पहुंचा रही है. उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए लोगों से गर्म मौसम में स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की अपील की.
2016 की दर्दनाक यादें फिर हुईं ताजा
भूकंप के बाद बुलेट ट्रेन सेवाएं फिलहाल निलंबित हैं, हालांकि आसो कुमामोतो हवाई अड्डे से सीमित उड़ानें फिर शुरू हो गई हैं. कुमामोतो ने 2016 में भी विनाशकारी भूकंप का सामना किया था, जिसमें 50 से अधिक लोगों की जान गई थी. एक बार फिर आई इस आपदा ने जापान की भूकंपीय संवेदनशीलता और आपदा प्रबंधन की चुनौती को सामने ला दिया.
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