छात्रा की मौत पर हंसने वाले पुलिसकर्मी पर भारत सख्त, US के सामने उठाया मुद्दा, जानें पूरा मामला

फुटेज की बात करें तो इसमें, सिएटल पुलिस ऑफिसर्स गिल्ड का उपाध्यक्ष ऑडरर, गिल्ड के अध्यक्ष माइक सोलन के साथ फोन पर बात कर रहा था और घटना को लेकर वह कई बार हंस रहा है...

भारतीय छात्रा जाह्नवी कंडुला की मौत का मामला गहराता जा रहा है. जी हां… हत्या का मजाक उड़ाने वाले अमेरिका पुलिसकर्मी के खिलाफ भारत ने सख्त रवैया अपनाया है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार भारत ने इस मामले में अमेरिका से गहन जांच की मांग की है. 23 वर्षीय छात्रा तेज रफ्तार से आ रहे पुलिस की कार की चपेट में आ गई थी. इस घटना के बाद बॉडीकैम (शरीर पर लगा कैमरा) का एक वीडियो वायरल हुआ था, जहां एक पुलिसकर्मी मौत पर हंसता हुआ दिखाई दे रहा था.

अमेरिका के सिएटल में इस साल के शुरू में पुलिस के तेज रफ्तार गश्ती वाहन की टक्कर हुई थी जिससे 23 वर्षीय भारतीय छात्रा की मौत हो गई थी. इस बीच, एक पुलिस अधिकारी के ‘बॉडीकैम’ (शरीर पर लगे कैमरे) की फुटेज सामने आई है जिसमें वह छात्रा की मौत पर हंसता हुआ और मजाक उड़ता हुआ नजर आ रहा है. इसके बाद, भारत ने गहन जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए मामले को अमेरिकी अधिकारियों के समक्ष मजबूती से उठाने का काम किया.

‘बॉडीकैम’ फुटेज आया सामने

सिएटल टाइम्स ने इस बाबत खबर प्रकाशित की है. खबर के अनुसार, पुलिस अधिकारी केविन डेव द्वारा चलाए जा रहे वाहन की टक्कर लगने से जनवरी में जाहन्वी कंडुला की मौत हो गई थी. वह 74 किलोमीटर प्रति मील (119 किलोमीटर प्रति घंटे) की रफ्तार से गाड़ी को दौड़ा रहा था. सिएटल पुलिस विभाग की ओर से सोमवार को ‘बॉडीकैम’ फुटेज जारी की गई जिसमें अधिकारी डेनियल ऑडेरर घातक घटना को लेकर हंसा था और डेव की गलती या आपराधिक जांच की जरूरत को खारिज कर दिया था.

भारत के महावाणिज्य दूत ने क्या कहा

सैन फ्रांसिस्को में भारत के महावाणिज्य दूत ने खबर पर टिप्प्णी की है. उन्होंने सड़क दुर्घटना में कंडुला की मौत होने की घटना से निपटने के तरीके को ‘‘बेहद परेशान’’ करने वाला बताया. मिशन ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर लिखा कि हमने इस दुखद मामले में शामिल लोगों के खिलाफ गहन जांच और कार्रवाई के लिए सिएटल और वाशिंगटन राज्य के स्थानीय अधिकारियों के साथ-साथ वाशिंगटन डीसी के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष इस मामले को दृढ़ता से उठाया है. वाणिज्य दूतावास और दूतावास सभी संबंधित अधिकारियों के साथ इस मामले पर बारीकी से नज़र रखना जारी रखेंगे.

टक्कर के बाद कंडुला 100 फुट से अधिक दूर गिरी

फुटेज की बात करें तो इसमें, सिएटल पुलिस ऑफिसर्स गिल्ड का उपाध्यक्ष ऑडरर, गिल्ड के अध्यक्ष माइक सोलन के साथ फोन पर बात कर रहा था और घटना को लेकर वह कई बार हंस रहा है…एनबीसी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, ऑडरर ने कहा कि डेव का वाहन नियंत्रण से बाहर नहीं था. पिछले महीने समीक्षा के लिए अभियोजकों को भेजी गई एक पुलिस जांच रिपोर्ट में इस बात की जानकारी दी गई थी कि डेव 74 मील प्रति घंटे की रफ्तार से गाड़ी चला रहा था, और टक्कर के बाद कंडुला 100 फुट से अधिक दूर जाकर गिरी थी.

इस बीच, सिएटल में केटीटीएच रेडियो स्टेशन की खबर की मानें तो, ऑडरर ने कहा कि उसने यह टिप्पणी वकीलों का मजाक उड़ाने के लिए की थी. उल्लेखनीय है कि आंध्र प्रदेश की रहने वाली कंडुला सिएटल में नॉर्थ-ईस्टर्न यूनिवर्सिटी में मास्टर डिग्री की पढ़ाई कर रही थी.

भाषा इनपुट के साथ

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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