Israel Strikes Lebanon: अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्तों का युद्धविराम शुरू हो चुका है. इस समझौते में होर्मुज की नाकाबंदी, पाबंदियां और हवाई हमलों जैसे बड़े मुद्दों पर सहमति बनी है, जिससे 5 हफ्तों से चल रही जंग पर फिलहाल ब्रेक लग गया है. लेकिन मिडिल ईस्ट में शांति की इन कोशिशों के बीच इजरायल ने लेबनान पर हमले और तेज कर दिए हैं. इजरायल ने डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के साथ युद्धविराम के फैसले का समर्थन तो किया, लेकिन खुद लेबनान पर हमले रोकने से साफ इनकार कर दिया है.
क्यों नहीं थम रहे लेबनान पर हमले?
बुधवार को इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरूत में हिजबुल्लाह के 100 से ज्यादा कमांड सेंटरों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये हमले इतने भयानक थे कि लोगों को 1982 के इजरायली हमले की याद आ गई. रॉयटर्स के मुताबिक, लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि बुधवार (8 अप्रैल) को हुए इन इजरायली हमलों में 89 लोगों की जान चली गई और 700 लोग घायल हुए हैं. एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक, ये हमले बिना किसी चेतावनी के हुए, जिससे सड़कों पर भगदड़ मच गई. इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू और सैन्य प्रवक्ता अविचाई अद्रई ने साफ कर दिया है कि यह युद्धविराम लेबनान पर लागू नहीं होता और हिजबुल्लाह के खिलाफ उनका ऑपरेशन जारी रहेगा.
ईरान की धमकी और समझौते पर खतरा
लेबनान पर इजरायली हमलों से ईरान नाराज है. ईरानी न्यूज़ एजेंसी ‘फार्स’ (Fars) के मुताबिक, अगर लेबनान पर हमले नहीं रुके तो ईरान युद्धविराम समझौते से पीछे हट सकता है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने इस बारे में पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर से भी फोन पर बात की है. उधर, व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने भी ‘एक्सियोस’ को कंफर्म किया है कि लेबनान इस दो हफ्ते के समझौते का हिस्सा नहीं है.
1,500 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं
इस संघर्ष में, जो 2 मार्च को हिजबुल्लाह द्वारा इजरायल पर रॉकेट हमलों के बाद शुरू हुआ था. अब तक 12 लाख लोग विस्थापित हो चुके हैं. इस संघर्ष शुरू होने के बाद से, 1,500 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं; इनमें 130 से ज्यादा बच्चे और 100 से ज्यादा महिलाएं शामिल हैं. रॉयटर्स के सूत्रों के मुताबिक, मार्च के आखिर तक हिजबुल्लाह के 400 लड़ाके मारे गए हैं, जबकि इजरायल ने अपने 10 सैनिकों की मौत की बात कही है.
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होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी
लेबनान पर हमलों के विरोध में ईरान ने बुधवार को होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) में ट्रैफिक रोक दिया है. ‘फार्स’ न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, तेल के टैंकरों की आवाजाही रोक दी गई है. ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर इजरायल के हमले जारी रहे, तो वह अमेरिका के साथ हुए इस अहम समझौते को पूरी तरह खत्म कर देगा. इजरायल ने 2 मार्च से लेबनान के 15% इलाके को खाली करने का आदेश दिया है और वह लिटानी नदी तक ‘सुरक्षित क्षेत्र’ बनाने की तैयारी में है.
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